सीवान: बीस सूत्री की बैठक में आंगनबाड़ी, नल-जल और कृषि व्यवस्था पर उठे सवाल, अधिकारियों से मांगा जवाब

सीवान में बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक में विभिन्न विभागों की कार्यशैली पर सदस्यों ने सवाल उठाए. आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन से लेकर कृषि सलाहकारों की भूमिका तक, कई जनहित के मुद्दों पर अधिकारियों से जवाबदेही मांगी गई.

Siwan News: दरौंदा प्रखंड बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक में बुधवार को विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं और विकास योजनाओं की समीक्षा की गई. बैठक के दौरान सदस्यों ने कई विभागों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और अधिकारियों से जल्द समाधान की मांग की.

बैठक में सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी भवन उपलब्ध होने के बावजूद निजी भवनों में संचालित किए जा रहे हैं. इससे सरकारी संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है. सदस्यों ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की.

कृषि सलाहकारों की कार्यशैली पर सवाल

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान सदस्यों ने कहा कि कृषि सलाहकार नियमित रूप से किसानों के बीच नहीं पहुंच रहे हैं. इसके कारण किसानों को सरकारी योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी समय पर नहीं मिल पा रही है. सदस्यों ने विभागीय अधिकारियों से इस पर जवाब मांगा और व्यवस्था में सुधार की मांग की.

नल-जल योजना और पंप ऑपरेटरों के भुगतान का मुद्दा उठा

बैठक में हर घर नल-जल योजना की भी समीक्षा की गई. सदस्यों ने कहा कि कई पंचायतों में नल-जल योजना सुचारू रूप से संचालित नहीं हो रही है, जिससे लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

वहीं, पंप ऑपरेटरों का कई वर्षों से लंबित मानदेय भुगतान का मामला भी उठाया गया. सदस्यों ने कहा कि भुगतान लंबित रहने से योजना के संचालन पर असर पड़ रहा है. उन्होंने जल्द से जल्द मानदेय भुगतान कराने की मांग की.

सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई की मांग

लोक निर्माण विभाग से जुड़े मामलों पर सदस्यों ने सड़क किनारे उगी झाड़ियों की सफाई कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि झाड़ियों के कारण दुर्घटना की आशंका बढ़ रही है और लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है. इसको लेकर संबंधित कनीय अभियंता को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की गई.

निरीक्षण कमेटी बनाने की चेतावनी

बैठक के अंत में बीस सूत्री समिति के सदस्यों ने कहा कि यदि जनहित से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो समिति स्वयं निरीक्षण दल का गठन कर योजनाओं और विभागीय कार्यों की जांच करेगी. निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों और वरीय अधिकारियों को कार्रवाई के लिए अवगत कराया जाएगा.

सदस्यों ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है. किसी भी तरह की लापरवाही और अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

वहीं, बैठक में कई विभागों के अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया.

बैठक में बीस सूत्री अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह उर्फ बबलू, उपाध्यक्ष मनोज सिंह, बीडीओ सह सचिव शिम्पी कुमारी, बीईओ सौरभ सुमन, आरओ स्वर्णिका चंद्रा, बीसीओ रामनारायण साह, बीएओ रामवीर सिंह यादव, कनीय अभियंता पीएचडी कुंज बिहारी सहित सदस्य उमाशंकर सिंह, अरुण भारती, संजीव सिंह, हितेश कुमार, हरि प्रेम पासवान, मधेश प्रसाद, लखन प्रसाद, हीरा प्रसाद, रघुनाथ राम, नेशमुल हक, पप्पू पासवान सहित अन्य मौजूद थे.

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Author: Ravindra Kumar

Published by: Vivek Ranjan

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