प्रतिनिधि, सीवान : जिले के गेहूं उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है. सरकार ने जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य कई गुना बढ़ाते हुए 580 टन से बढ़ाकर 5593 टन कर दिया है. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निदेशक सह विशेष सचिव विभूति रंजन चौधरी द्वारा जारी संशोधित पत्र के बाद जिले के किसानों, पैक्सों एवं व्यापार मंडलों में उत्साह का माहौल है. पहले निर्धारित लक्ष्य अत्यंत कम होने के कारण बड़ी संख्या में किसान सरकारी दर पर गेहूं बेचने से वंचित हो रहे थे, लेकिन अब संशोधित लक्ष्य लागू होने से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिल सकेगा. कृषि विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में इस वर्ष गेहूं का अनुमानित उत्पादन 3 लाख 75 हजार 195.28 टन है. इसके बावजूद पूर्व में जिले के लिए मात्र 580 टन खरीद लक्ष्य निर्धारित किया गया था. जिसे लेकर किसानों एवं सहकारी समितियों ने लगातार आपत्ति जताई थी. कम लक्ष्य के कारण खरीद केंद्रों पर गेहूं लेने की सीमा तय कर दी गई थी और कई किसानों को वापस लौटना पड़ रहा था.अब तक 106 किसानों से कुल 581 टन गेहूं की खरीद हो चुकी थी, यानी पूर्व निर्धारित लक्ष्य पहले ही पूरा हो चुका था. इसके बाद कई पैक्सों ने खरीद प्रक्रिया सीमित कर दी थी.जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई थी.जिले में इस समय गेहूं की कटनी जोरों पर है और बड़ी मात्रा में उपज बाजार में आ रही है. खुले बाजार में बिचौलिये किसानों से 2300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रहे हैं, जबकि सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है.इस प्रकार किसानों को बाजार में प्रति क्विंटल 150 से 250 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है. लक्ष्य कम होने के कारण किसान मजबूरी में अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेच रहे थे.अब लक्ष्य बढ़ने से किसानों को राहत मिलेगी और वे सरकारी क्रय केंद्रों पर बेहतर मूल्य पर अपना गेहूं बेच सकेंगे.जिले में गेहूं खरीद के लिए कुल 252 पैक्स एवं व्यापार मंडलों का चयन किया गया है.संशोधित लक्ष्य के बाद अब सभी चयनित समितियां सक्रिय रूप से गेहूं खरीद सकेंगी.सहकारिता विभाग ने सभी क्रय केंद्रों को निर्देश दिया है कि किसानों से गेहूं खरीद के 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए. साथ ही जिला प्रशासन को संशोधित लक्ष्य के अनुरूप अधिप्राप्ति कार्य को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करने का निर्देश दिया गया है. अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा किसानों को समय पर भुगतान एवं पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए. ज्ञात हो कि जिले में गेहूं खरीद की प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और यह 15 जून तक जारी रहेगी. जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने कहा कि जिले में गेहूं खरीद लक्ष्य बढ़ाकर 5593 टन किया जाना किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय है.
जिले में अब 5593 टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य
जिले के गेहूं उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है. सरकार ने जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य कई गुना बढ़ाते हुए 580 टन से बढ़ाकर 5593 टन कर दिया है. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निदेशक सह विशेष सचिव विभूति रंजन चौधरी द्वारा जारी संशोधित पत्र के बाद जिले के किसानों, पैक्सों एवं व्यापार मंडलों में उत्साह का माहौल है.
