सिवान News : 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान सीवान में घायल छात्र बुलेट गोड शुक्रवार को नई दिल्ली से सीवान लौटे. सीवान रेलवे स्टेशन पर जिला परिषद सदस्य अरविंद यादव के साथ पहुंचे बुलेट गोड ने बताया कि दिल्ली में उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी से मुलाकात की. उनके अनुसार, नेताओं ने मामले में न्याय दिलाने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया है.
राहुल गांधी से मुलाकात में मामले को लोकसभा में उठाने का दावा
बुलेट गोड ने बताया कि राहुल गांधी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि मामले को लोकसभा में उठाया जायेगा. इसके साथ ही रोजगार की व्यवस्था में सहयोग का आश्वासन मिलने की बात भी उन्होंने कही.
उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस पार्टी और विभिन्न सांसदों की ओर से उन्हें आर्थिक मदद दी गयी है. दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाने की बात कही.
25 जुलाई को सीवान में प्रदर्शन के दौरान घायल हुए थे बुलेट
25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान सीवान शहर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी. इस दौरान तीन युवकों को गोली लगने की जानकारी सामने आयी थी, जिनमें बुलेट कुमार गोड भी शामिल थे. पुलिस के अनुसार, उस दिन पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग की गयी थी और फायरिंग के स्रोत को लेकर भी जांच की जा रही थी. बाद में एक पुलिसकर्मी को एके-47 से फायरिंग के वीडियो के सामने आने के बाद निलंबित किया गया था.
बुलेट गोड का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए.
इलाज को लेकर जिला परिषद सदस्य ने उठाये सवाल
जिला परिषद सदस्य अरविंद यादव ने आरोप लगाया कि घायलों को सरकारी अस्पताल भेजने के बजाय निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जिससे इलाज में देरी हुई. उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बाद अब तक किसी सत्ताधारी दल के नेता ने घायलों से मिलने की पहल नहीं की.
अरविंद यादव के अनुसार, दिल्ली में विभिन्न नेताओं से मुलाकात के बाद घायल छात्र को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है.
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
बुलेट गोड ने कहा कि उनकी मुख्य मांग घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई है. उन्होंने दिल्ली में हुई मुलाकातों के दौरान भी अपनी मांगों को नेताओं के सामने रखा. वहीं मामले में पुलिस की ओर से पहले ही फायरिंग की परिस्थितियों और गोली लगने की घटनाओं की जांच की बात कही गयी थी.
