सीवान में सर्टिफिकेट के नाम पर पैसे? कचनार हाईस्कूल का वीडियो वायरल, अब शिक्षा विभाग की जांच

कचनार उच्च विद्यालय का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें छात्रों से सर्टिफिकेट के नाम पर पैसे लेने का आरोप है. इसी बीच सरकारी किताबें बेचने की भी चर्चा है. मामले की जांच शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है.

Sarkari Kitab Bikri: सिसवन प्रखंड क्षेत्र के कचनार उच्च विद्यालय से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है. विद्यालय में सर्टिफिकेट देने के नाम पर छात्रों से कथित रूप से पैसे लिये जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विद्यालय की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. इसी बीच विद्यालय में सरकार की ओर से उपलब्ध करायी गयी किताबों को बेचने से संबंधित एक अन्य वीडियो वायरल होने की भी चर्चा है. लगातार सामने आ रहे इन वीडियो को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चिंता बढ़ गयी है.

वायरल वीडियो में कथित तौर पर छात्रों से सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने के नाम पर राशि लिये जाने की बात सामने आ रही है. वीडियो के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यदि प्रमाणपत्र विद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाना है, तो उसके लिए छात्रों से राशि लेने का क्या आधार है. हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे लोगों और बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.

सरकारी किताबों की बिक्री की भी चर्चा

सर्टिफिकेट के नाम पर पैसे लिये जाने के कथित वीडियो के साथ ही सरकारी किताबों को बेचने से संबंधित एक अन्य वीडियो वायरल होने की भी चर्चा है. सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध करायी जाने वाली पाठ्य-पुस्तकों के वितरण को लेकर विभागीय स्तर पर नियम निर्धारित हैं. ऐसे में यदि सरकारी किताबों की बिक्री की पुष्टि होती है, तो मामला गंभीर हो सकता है.

वायरल वीडियो को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी हैं. अभिभावकों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में गरीब और सामान्य परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं. ऐसे में विद्यालय से मिलने वाली सुविधाओं के लिए यदि विद्यार्थियों से अतिरिक्त राशि लिये जाने की पुष्टि होती है, तो मामले की जांच जरूरी है.

वीडियो की जांच से सामने आयेगी सच्चाई

स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर संबंधित विद्यालय के दस्तावेज, प्रमाणपत्र वितरण से संबंधित रिकॉर्ड और सरकारी किताबों के स्टॉक का मिलान कराया जाना चाहिए. इससे यह पता चल सकेगा कि वीडियो में लगाये गये आरोपों में कितनी सच्चाई है.

लोगों ने यह भी मांग की है कि जांच के दौरान विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों से जानकारी ली जाये, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके.

शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच

मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने भी इसकी जांच शुरू कर दी है. अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में किये गये दावे कितने सही हैं और विद्यालय में वास्तव में क्या हुआ था.

प्रमाणपत्र वितरण और सरकारी पुस्तकों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी. फिलहाल वायरल वीडियो के कारण कचनार उच्च विद्यालय चर्चा में है.

बोले जिम्मेदार

“वायरल वीडियो की जांच की जा रही है. संबंधित शिक्षक से जवाब मांगा गया है. वीडियो में दिख रही छात्रा से भी बात कर सच्चाई का पता लगाया जायेगा. इसके बाद जांच रिपोर्ट वरीय पदाधिकारी को सौंपी जायेगी.” कुमार अभिषेक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सिसवन

इसे भी पढ़ें: गोपालगंज में एयरपोर्ट का सपना होगा साकार? 517 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटा, अब अगला कदम क्या?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhay Kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >