सीवान में जिस सीएसपी संचालक से हुई थी 5 लाख की लूट, वही था अपराधियों का लाइनर; दो लूटकांडों का पर्दाफाश

Siwan CSP Loot Case: सीवान एसपी पूरन कुमार झा ने लकड़ी नवीगंज और बसंतपुर सीएसपी लूटकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है. खुद सीएसपी संचालक आनंद कुमार अपराधियों को बैंक से इनपुट देता था और 30 प्रतिशत कमीशन लेता था. दो आरोपी गिरफ्तार. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Siwan CSP Loot Case (पंकज कुमार): सीवान जिले से इस वक्त की एक बेहद हैरान और चौंका देने वाली खबर सामने आ रही है. लकड़ी नवीगंज थाना क्षेत्र के बसौली पड़ौली गांव के समीप एक निर्माणाधीन पुलिया के पास स्टेट बैंक के सीएसपी संचालक से हुई 9.47 लाख रुपये की लूट का सीवान पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है. पुलिस तफ्तीश में जो सच सामने आया है उसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं. इस पूरे लूटकांड का असली मास्टरमाइंड और लाइनर कोई और नहीं, बल्कि खुद एक दूसरा सीएसपी संचालक निकला. सीवान एसपी पूरन कुमार झा ने एक हाई-प्रोफाइल प्रेस वार्ता कर इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है.

वाहन चेकिंग के दौरान मदारपुर से धराया देसी पिस्टल के साथ डकैत साजिद अली

एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि बीते 17 अप्रैल को नवीगंज निवासी गौतम प्रसाद के पुत्र गोविंद कुमार उर्फ प्रिंस से अपराधियों ने हथियार के बल पर 9.47 लाख रुपये लूट लिए थे. वे बसौली बाजार स्थित अपने सीएससी केंद्र पर जा रहे थे. इस बड़ी वारदात के बाद महाराजगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किया गया. सोमवार को पुलिस टीम जब मदारपुर गांव के पास सघन वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी, तभी बाइक पर सवार बसंतपुर थाना क्षेत्र के शेखपुरा निवासी शातिर अपराधी साजिद अली को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने साजिद के पास से एक लोडेड देसी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक बाइक और लूटे गए मोबाइल फोन बरामद किए हैं.

सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल, 30 फीसदी कमीशन के चक्कर में अपनों को ही लूटता था आनंद

पुलिसिया पूछताछ में साजिद अली ने कबूल किया कि उसने ही अपने साथियों के साथ मिलकर लकड़ी नवीगंज और बीते 01 जून को बसंतपुर में एक अन्य सीएसपी संचालक से 2.50 लाख की लूट को अंजाम दिया था. जब पुलिस ने बैंक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो दोनों ही घटनाओं के समय बैंक के भीतर बसंतपुर के मोलनापुर निवासी आनंद कुमार नामक युवक संदिग्ध हालत में ग्राहकों के आस-पास मंडराता दिखा. आनंद खुद एक सीएसपी सेंटर चलाता है. पुलिस ने जब आनंद को उसके घर से दबोचा और कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने मान लिया कि वह अपराधियों के लिए ‘लाइनर’ का काम करता था और बैंक से बड़ी रकम निकालने वालों की मुखबिरी करने के एवज में लूटी गई कुल रकम का सीधे 30 प्रतिशत कमीशन वसूलता था.

साल 2022 में खुद लुटा था आनंद, घाटा पूरा करने के लिए खुद बन गया लुटेरों का सरगना

एसपी ने बताया कि आरोपी आनंद कुमार का क्रिमिनल बैकग्राउंड खंगालने पर पता चला कि बीते 22 जून 2022 को उसके खुद के सीएसपी काउंटर से अपराधियों ने 5 लाख रुपये लूट लिए थे. उस घटना के बाद से वह गहरे कर्ज में डूब गया था और इसी दौरान वह जेल से छूटे शातिर अपराधियों के संपर्क में आया. अपने घाटे की भरपाई करने के लिए आनंद ने लूट का एक नया शॉर्टकट रास्ता चुना. वह बैंक के अंदर बैठ जाता था और जो भी सीएसपी संचालक मोटी रकम की निकासी करता था, उसकी सूचना तुरंत बाहर खड़े साजिद अली और उसके गैंग को दे देता था.

पुलिस ने बताया कि इस गैंग के तीन अन्य मुख्य अपराधियों को सारण (छपरा) जिले की इसुआपुर थाना पुलिस ने किसी अन्य कांड में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. सीवान पुलिस अब उन तीनों अपराधियों को रिमांड पर लेकर सासाराम और सीवान की जेलों से पूछताछ करेगी. गिरफ्तार आनंद के बैंक खातों और उसकी अवैध आर्थिक संपत्तियों की विस्तृत जांच के लिए तकनीकी और आर्थिक सेल को काम पर लगा दिया गया है. एसपी ने दोटूक कहा है कि गैंग में शामिल कुछ अन्य स्थानीय लाइनर और अपराधियों की पहचान हो चुकी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए सीवान और गोपालगंज के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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