Shreya Kumari Lincoln Scholarship: सिसवन प्रखंड के भसौड़ा गांव की बेटी श्रेया कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल कर सीवान और बिहार का नाम रोशन किया है. श्रेया का चयन अमेरिका की प्रतिष्ठित लिंकन स्कॉलरशिप के लिए हुआ है. यह छात्रवृत्ति अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के नाम पर दी जाती है. हर वर्ष दुनिया भर से केवल 10 विद्यार्थियों का चयन किया जाता है. इस वर्ष चयनित छात्रों में श्रेया एकमात्र भारतीय छात्रा हैं.
सेंटर कॉलेज में करेंगी चार वर्षीय स्नातक की पढ़ाई
लिंकन स्कॉलर के रूप में श्रेया अमेरिका के ऐतिहासिक सेंटर कॉलेज में चार वर्षीय स्नातक की पढ़ाई करेंगी. उन्हें करीब 3 करोड़ रुपये की पूर्ण छात्रवृत्ति मिलेगी. इसमें ट्यूशन फीस, आवास, भोजन, किताबें, स्वास्थ्य बीमा और यात्रा व्यय शामिल हैं.
सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर हासिल की बड़ी सफलता
श्रेया भसौड़ा गांव निवासी शैलेश कुमार सिंह की पुत्री हैं. उनके पिता दिल्ली में पौधे और फूल-पत्तियों का व्यवसाय करते हैं, जबकि उनकी माता नीतू सिंह गृहिणी हैं.
श्रेया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नई दिल्ली के सर्वोदय कन्या विद्यालय से प्राप्त की. 13 वर्ष की आयु में वह डेक्सटेरिटी ग्लोबल से जुड़ीं, जहां उन्हें नेतृत्व क्षमता और उच्च शिक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण मिला. इसी प्रशिक्षण और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने यह उल्लेखनीय सफलता हासिल की.
कहा. यह सपना सच होने जैसा
अपनी सफलता पर श्रेया ने कहा कि बिहार के एक छोटे से गांव की सरकारी स्कूल की छात्रा के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है. उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और डेक्सटेरिटी ग्लोबल को दिया.
उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य अब्राहम लिंकन के आदर्शों से प्रेरित होकर समाज और देश की सेवा करना है.
संस्थापक ने कहा. प्रतिभा को अवसर मिले तो दुनिया जीत सकती है
डेक्सटेरिटी ग्लोबल के संस्थापक शरद विवेक सागर ने कहा कि श्रेया की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को सही अवसर और उचित मार्गदर्शन मिले, तो वे वैश्विक स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं.
श्रेया की इस उपलब्धि से पूरे भसौड़ा गांव और सिसवन प्रखंड में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं.
