Fish Farming Bihar: सारण और सीवान जिले की सीमा पर स्थित बहियारा चवर के सहनी मत्स्य उत्पादन केंद्र में मंगलवार को मत्स्य पालक किसानों के साथ गोष्ठी आयोजित की गयी. गोष्ठी की अध्यक्षता सारण के जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने की. इस दौरान किसानों को समूह बनाकर झींगा मछली का उत्पादन करने के लिए प्रेरित किया गया.
जिला मत्स्य पदाधिकारी ने कहा कि झींगा पालन किसानों की आय बढ़ाने का बेहतर माध्यम बन सकता है. देश के विभिन्न राज्यों में झींगा मछली की काफी मांग है, जिसके कारण इसका बाजार मूल्य भी अधिक है. वर्तमान में बाजार में झींगा मछली की कीमत करीब 500 से 600 रुपये प्रति किलोग्राम तक बतायी गयी.
पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू होगा झींगा उत्पादन
जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि मत्स्य पालक किसान मनोज कुमार सहनी का चयन पायलट परियोजना के तहत झींगा उत्पादन के लिए किया गया है. उनके यहां उत्पादन सफल होने के बाद अन्य इच्छुक किसानों को प्रशिक्षण देकर झींगा पालन से जोड़ा जाएगा.
अधिकारियों का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को झींगा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि मत्स्य पालन के क्षेत्र में आय के नए स्रोत विकसित हो सकें. किसानों को समूह बनाकर काम करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की जानकारी भी दी गयी.
झींगा पालन से किसानों को मिलेगा अतिरिक्त आय का अवसर
गोष्ठी में अधिकारियों ने बताया कि झींगा मछली की मांग देश के कई राज्यों में है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर इसका उत्पादन किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है. पायलट परियोजना के परिणाम के आधार पर आगे इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की योजना है.
अधिकारियों ने किसानों से नई तकनीक और प्रशिक्षण का लाभ उठाकर मत्स्य पालन को व्यवसाय के रूप में विकसित करने का आह्वान किया.
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में मत्स्य प्रसार पदाधिकारी रमन कुमार, मत्स्य विकास पदाधिकारी नीरज कुमार, कनीय अभियंता (मत्स्य) तारिक अनवर, मत्स्य पालक किसान मदन सहनी, अवधेश गुप्ता, सुरेश मिश्री, कन्हैया राय, नागेंद्र गिरी सहित कई किसान एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
