चार प्रखंडों के आपूर्ति निरीक्षकों का वेतन रुका
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले राशन से जुड़े लाभुकों का इ-केवाइसी कार्य समय पर पूरा नहीं होने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी ने आंदर, गुठनी, दरौली और मैरवा प्रखंड के आपूर्ति निरीक्षकों पर इ-केवाइसी कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है.
संवाददाता, सीवान. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले राशन से जुड़े लाभुकों का इ-केवाइसी कार्य समय पर पूरा नहीं होने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी ने आंदर, गुठनी, दरौली और मैरवा प्रखंड के आपूर्ति निरीक्षकों पर इ-केवाइसी कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही जब तक इन प्रखंडों में शत-प्रतिशत इ-केवाईसी पूरा नहीं हो जाता, तब तक संबंधित अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया है. जिला आपूर्ति कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि लाभुकों का ई-केवाइसी पूरा कराने को लेकर विभाग की ओर से लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं.बार-बार यह कहा गया है कि इस काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए. 8 जनवरी को हुई विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी स्पष्ट निर्देश मिला कि 15 फरवरी तक हर हाल में सभी लाभुकों का ई-केवाइसी पूरा कर लिया जाए. जिला स्तर पर इस काम की रोजाना निगरानी की जा रही है. ऑनलाइन रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि आंदर, गुठनी, दरौली और मैरवा प्रखंडों में काम की रफ्तार काफी धीमी है. लक्ष्य के मुकाबले बहुत कम लाभुकों का ई-केवाईसी किया जा रहा है. इन प्रखंडों की स्थिति पहले से ही कमजोर है. दरौली प्रखंड जिले में 19वें, आंदर 16वें, गुठनी 14वें और मैरवा 11वें स्थान पर है, इसके बावजूद सुधार नहीं दिख रहा है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि सभी पणन पदाधिकारियों और आपूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दिया गया था कि वे रोजाना कम से कम 500 लाभुकों का इ-केवाइसी कराएं. यह निर्देश जिला आपूर्ति के व्हाट्सएप समूह में भी दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी संबंधित प्रखंडों में अपेक्षित काम नहीं हुआ. यह स्थिति साफ तौर पर सरकारी काम के प्रति लापरवाही और वरीय अधिकारियों के आदेश की अनदेखी को दर्शाती है. पत्र में यह भी कहा गया है कि संबंधित आपूर्ति निरीक्षकों का यह रवैया कर्तव्यहीनता की श्रेणी में आता है. इसलिए उन्हें पत्र मिलने के तीन दिनों के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए लिखित स्पष्टीकरण देना होगा. यदि तय समय के अंदर जवाब नहीं दिया गया तो यह मान लिया जाएगा कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है और फिर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इ-केवाइसी जैसे अहम काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह काम सीधे तौर पर गरीब और जरूरतमंद लाभुकों को समय पर राशन मिलने से जुड़ा है. ऐसे में सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है.
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