सीवान के आरबीजीआर कॉलेज में शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी से हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित

महाराजगंज का आरबीजीआर कॉलेज शिक्षा की गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है. शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी के कारण हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका है. जानिए कॉलेज की मौजूदा स्थिति और छात्रों की मांगें.

महाराजगंज. अनुमंडल का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित आरबीजीआर महाविद्यालय इन दिनों कई समस्याओं से जूझ रहा है. वर्ष 1961 में स्थापित और 1977 से जयप्रकाश विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई रहे इस कॉलेज में शिक्षकों, कर्मचारियों और आधारभूत सुविधाओं की भारी कमी है. इसका सीधा असर हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है.

1064 सीटों पर अब तक 421 छात्रों का हुआ नामांकन

प्रभारी प्राचार्य प्रो. आफताब आलम ने बताया कि एक जुलाई से नामांकन प्रक्रिया और पठन-पाठन शुरू हो चुका है. महाविद्यालय में स्नातक की कुल 1064 सीटें हैं. पहली चयन सूची के आधार पर अब तक 421 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है, जबकि 663 सीटें अभी खाली हैं. दूसरी चयन सूची जारी होने के बाद नामांकन बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

लोकप्रिय विषयों में भी शिक्षकों की कमी

कॉलेज में शिक्षकों की कमी सबसे बड़ी समस्या बन गई है. राजनीति विज्ञान, इतिहास और अंग्रेजी जैसे लोकप्रिय विषयों के शिक्षक भी कम हो गए हैं. हाल ही में राजनीति विज्ञान के प्रो. कलीमुल्लाह, इतिहास के प्रो. अनिल कुमार और अंग्रेजी के प्रो. फूल कुमार झा को नए डिग्री कॉलेजों का प्रभारी प्राचार्य बनाए जाने के बाद इन विषयों में नियमित शिक्षकों की कमी और बढ़ गई है.

अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, संस्कृत, गणित, वनस्पति विज्ञान और जीव विज्ञान जैसे विषयों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं. कई विभागों में सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई संचालित हो रही है. वहीं भौतिकी विषय के शिक्षक का भी दूसरे कॉलेज में प्रतिनियोजन किया गया है.

गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के पद भी खाली

महाविद्यालय में प्रशासनिक कार्यों को संभालने के लिए भी कर्मचारियों की भारी कमी है. नॉन-टीचिंग के 10 स्वीकृत पदों में केवल एक प्रधान लिपिक सह लेखापाल कार्यरत हैं, जबकि नौ पद खाली पड़े हैं. वहीं चतुर्थ वर्ग के सभी 14 पद रिक्त हैं.

दैनिक कार्यों को चलाने के लिए कॉलेज प्रशासन को कंटिंजेंसी मद से दो युवकों की सेवा लेनी पड़ रही है.

बाउंड्री नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

कॉलेज परिसर में बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर बनी हुई है. परिसर में अक्सर पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है. शाम के बाद असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ने की शिकायत भी सामने आई है.

रात्रि प्रहरी की व्यवस्था नहीं होने से चोरी की घटनाओं का खतरा बना रहता है. प्रभारी प्राचार्य ने बताया कि उनके कार्यभार संभालने से करीब एक माह पहले कॉलेज में चोरी की घटना भी हो चुकी है.

विश्वविद्यालय और सरकार से सुधार की मांग

आरबीजीआर कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो. आफताब आलम ने विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से शिक्षकों और कर्मचारियों की जल्द नियुक्ति की मांग की है. इसके अलावा जर्जर भवनों की मरम्मत, नए कक्षों का निर्माण, बाउंड्री वॉल निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग रखी गई है.

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता पर इसका और प्रतिकूल असर पड़ सकता है. कॉलेज प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि सरकार और विश्वविद्यालय जल्द इस दिशा में सकारात्मक पहल करेंगे, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके.

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