Siwan News: (मनीष गिरी) वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में मांझी विधायक रणधीर कुमार सिंह को अदालत से राहत मिली है. न्यायिक दंडाधिकारी नेहा त्रिपाठी की अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया. अदालत के इस फैसले के साथ 2014 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा यह मामला समाप्त हो गया.
अग्निपीड़ित परिवारों के बीच कपड़े बांटने का था आरोप
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, 30 अप्रैल 2014 को बसंतपुर थाना क्षेत्र की बैजू बरहोगा पंचायत के सेरिया गांव में अग्निपीड़ित परिवारों के बीच धोती और साड़ी बांटे जाने की शिकायत मिली थी. मामले में राजस्व कर्मचारी जितेंद्र कुमार सिंह के आवेदन पर बसंतपुर थाना में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.
प्राथमिकी में तत्कालीन महाराजगंज लोकसभा सीट से राजद प्रत्याशी प्रभुनाथ सिंह के पुत्र रणधीर कुमार सिंह समेत तीन लोगों को आरोपित बनाया गया था.
दो गवाह अदालत में अपने बयान से मुकर गये
विधायक के अधिवक्ता अविनाश कुमार सिंह उर्फ मदन सिंह ने बताया कि मामले की सुनवाई न्यायिक दंडाधिकारी नेहा त्रिपाठी की अदालत में चल रही थी. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दो गवाहों की गवाही करायी गयी. हालांकि, दोनों गवाह अदालत में अपने पूर्व के बयान से मुकर गये.
गवाहों के बयान से मुकरने के बाद अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हो सके. इसके बाद अदालत ने मामले में प्रस्तुत सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार किया.
साक्ष्य के अभाव में अदालत ने किया बरी
सभी पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायिक दंडाधिकारी नेहा त्रिपाठी की अदालत ने रणधीर कुमार सिंह को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया. फैसले के बाद 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज आचार संहिता उल्लंघन का यह मामला कानूनी रूप से समाप्त हो गया.
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