Siwan News : सिसवन प्रखंड के रामगढ़ पंचायत में रामगढ़-पिपरा की सीमा पर स्थित स्लुइस गेट के नये तरीके से निर्माण और खाड़-पाइन की मरम्मत को लेकर सहयोग पोर्टल पर की गयी शिकायत के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया. शिकायत के बाद अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से स्थानीय लोगों में समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है.
जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर नहीं होने से किसानों को परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बरसात के दौरान खेतों में पानी जमा रहने से खेती प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है.
स्थानीय निवासी विकास सिंह ने करीब दो सप्ताह पहले सहयोग पोर्टल के माध्यम से संबंधित विभाग को शिकायत भेजी थी. उन्होंने स्लुइस गेट के निर्माण में सुधार के साथ खाड़-पाइन की आवश्यक मरम्मत कराने का अनुरोध किया था.
शिकायतकर्ता का कहना है कि जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर होने से आसपास के खेतों में जमा पानी की निकासी सुचारु हो सकेगी और किसानों को राहत मिलेगी.
जल निस्सरण विभाग के अधिकारियों ने लिया जायजा
शिकायत के आलोक में जल निस्सरण विभाग के कनीय अभियंता शुभम कुमार और सहायक अभियंता सतीश कुमार स्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने स्लुइस गेट और खाड़-पाइन की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया.
इस दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों से भी जलनिकासी की समस्या के संबंध में जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में पानी की निकासी की स्थिति और संबंधित संरचनाओं की स्थिति को देखा गया.
बरसात में बढ़ जाती है जलनिकासी की समस्या
स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के मौसम में जलनिकासी की समस्या और गंभीर हो जाती है. यदि समय रहते खाड़-पाइन की मरम्मत और स्लुइस गेट की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गयी, तो खेतों में पानी जमा रहने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
अधिकारियों के निरीक्षण के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर विभागीय स्तर पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी है.
24 मई को तत्कालीन डीएम ने भी किया था निरीक्षण
स्थानीय निवासी विकास कुमार सिंह ने इस समस्या को लेकर तत्कालीन डीएम विवेक रंजन मैत्रेय से भी शिकायत की थी. शिकायत के बाद तत्कालीन डीएम ने फरियादी से व्हाट्सएप के माध्यम से लोकेशन मांगी थी.
इसके बाद डीएम स्वयं रामगढ़ गांव पहुंचे और मौके पर ग्रामीणों की समस्या सुनी थी. उन्होंने समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया था. अब सहयोग पोर्टल पर दोबारा शिकायत के बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण किये जाने से स्थानीय लोगों को कार्रवाई आगे बढ़ने की उम्मीद है.
