प्रस्तावित राम जानकी पथ के निर्माण के लिए की जा रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में उचित एवं न्यायसंगत मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावित भूस्वामियों ने आवाज उठायी है. इस मामले को लेकर भूस्वामी एजाजुल हक ने सीवान के भू-अर्जन पदाधिकारी, डीएम, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को आवेदन भेजकर समस्या के समाधान की मांग की है.
अधिकारियों से लगा चुके हैं गुहार
भूस्वामी एजाजुल हक, कौशल किशोर सिंह, हेमंत सिंह, मुन्ना सिंह, अब्बास और अहमद अली ने बताया कि वे अपनी समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों एवं सरकार के विभिन्न स्तरों पर आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है. भूस्वामियों ने बताया कि अब वे पटना जाकर जन सुराज के सूत्रधार एवं बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रशांत किशोर से मुलाकात कर अपनी समस्या रखेंगे. उन्हें उम्मीद है कि प्रशांत किशोर इस मामले को सदन में उठाकर समाधान का प्रयास करेंगे.
भूस्वामियों ने कहा, नहीं मिल रहा उचित मुआवजा
आवेदन के अनुसार, श्यामपुर बाजार एवं भटाटोपेर, थाना-अंचल सीवान से डेपहां, थाना-अंचल जीरादेई होते हुए प्रस्तावित राम जानकी पथ के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है. भूस्वामियों का कहना है कि अधिग्रहित भूमि के लिए सरकार द्वारा न्यूनतम दर पर भुगतान का प्रावधान किया जा रहा है, जबकि संबंधित निबंधन कार्यालय में उसी जमीन के निबंधन के लिए अधिक दर निर्धारित है.अभूस्वामियों का दावा है कि प्रस्तावित राम जानकी पथ के दोनों किनारों की भूमि का मूल्यांकन निबंधन कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग की दर के आधार पर किया जाता है. वहीं बाजार एवं चौराहे के समीप की जमीन का मूल्यांकन व्यावसायिक दर से किए जाने की बात भी आवेदन में कही गयी है.
दुकानों व मकानों का नहीं लगाया गया उचित मूल्य
भूस्वामियों ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित मार्ग में आने वाली कई दुकानों और मकानों का सरकारी अभिलेख में उचित उल्लेख नहीं किया गया है तथा जमीन को खाली दिखाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वे राम जानकी पथ के निर्माण के पक्ष में हैं और विकास कार्य में सरकार को सहयोग करेंगे, लेकिन अधिग्रहित जमीन का उचित और न्यायसंगत मुआवजा मिलना चाहिए. भूस्वामियों ने भू-अर्जन पदाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रभावित लोगों के साथ न्याय करने तथा नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है.
