55 फीसदी आर्द्रता ने लोगों का निकाला पसीना सीवान. आंधी, बारिश व पुरवा हवा से तापमान में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गयी .हालांकि लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिली.अधिकतम तापमान 36 व न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.वहीं 11 किमी/घंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चली.लेकिन 55 फीसदी आर्द्रता के कारण लोगों को उमस ने परेशान किया.आर्द्रता के चलते 40 डिग्री सेल्सियस तापमान की अनुभूति हुई. उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया. शरीर चिपचिपाता रहा और बदन पर कपड़े पसीने से गीले होते रहे.बादलों से घिरे मौसम के चलते बढ़ी उमस से घरों में लगे पंखों की हवा भी राहत नहीं दे पा रही है. उमस में हुई वृद्धि ने कूलर व पंखों तक को बेकार करके रख दिया है. दशा यह है कि कूलर-पंखों के चलने के बाद भी जैसे उसकी हवा ही नहीं लग रही थी. इसके चलते लोग राहत नहीं पा सकें.दिनभर बादलों और सूरज के बीच आंखमिचौनी चलती रही. ऐसे में सूरज की तपिश काफी कम रही. शाम ढलने के बाद भी उमस में कोई कमी नहीं थी.गर्मी व उमस का असर बढ़ने से महिलाओं को भी घरेलू कामकाज निबटाने में परेशानी हो रही है. दोपहर के समय बाजारों में खरीदारों की संख्या कम हो गयी है. शाम में ही अधिकतर बाजारों में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे है. ……… साइक्लोनिक सर्कुलेशन शिफ्ट होने के कारण बदला मौसम का मिजाज मौसम विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार गिरी ने बताया कि अगले तीन दिनों तक ऐसे ही मौसम रहने की संभावना है.फिलहाल उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नही है.रफ्तार से चल रही पुरवा हवा बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के प्रभाव को जिले तक ला रही है.आमतौर पर मई माह में इस तरह की गर्मी नही पड़ती थी.तीखी धूप के बीच गर्म पछुआ हवा चलती थी.इस साल साइक्लोनिक सर्कुलेशन शिफ्ट होने के चलते मौसम का मिजाज बदल गया है.विगत 10 दिनों से ही इसका प्रभाव है.बंगाल की खाड़ी में नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहा है. जिसका असर अगले दो- तीन दिनों में देखने को मिलेगा. रविवार तक मौसम कमोबेश इसी तरह बना रहेगा. आसमान में आंशिक बादल छाए रहने के साथ-साथ उमस का असर बना रहेगा. ……. एलर्जी व चर्म रोग से पीड़ित हो रहे लोग उमस और गर्मी क चलते इन दिनों एलर्जी व त्वचा रोग संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ रही है. डॉक्टरों का कहना है कि घमोरिया, फंगल इंफेक्शन और बैक्टीरियल इंफेक्शन के मरीज ज्यादा आ रहे है. पिछले दो दिनों से मौसम में लगातार उमस बनी हुई है.साथ ही धूप भी तेज है. ऐसे मौसम में चर्म रोग अधिक होता है.खुजली, दाद के साथ आंखों में जलन और कान में फुंसी आदि निकलने लगी है. धूप और उमस से एलर्जी और शरीर के खुले हिस्से पर चकत्ते बन रहे है.शरीर में दाने की शिकायत भी मिल रही है.अगर यह शिकायत हो तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं. शरीर की सफाई विशेष ध्यान दें. ….. बिजली गुल होने से बढ़ी परेशान बुधवार की शाम तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश से लोगों को कुछ देर के लिए राहत मिली थी.वही आंधी के चलते विद्युत व्यवस्था चरमरा गयी.रात में बिजली का दर्शन नहीं हुआ.गर्मी व उमस से लोग परेशान दिखे.करीब पांच घंटे बाद पूर्ण रूप से बिजली व्यवस्था बहाल हुई.जिससे लोगों को राहत मिली.विद्युत उपभोक्ताओं का कहना है कि कर्मियों की लापरवाही के चलते बिजली सप्लाई प्रभावित हो रही है.आंधी और बारिश के नाम पर बिजली कटौती की जा रही है.जिससे परेशानी हो रही है.
तापमान में कमी के बावजूद उमस भरी गर्मी से लोग हो रहे बेहाल
आंधी, बारिश व पुरवा हवा से तापमान में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गयी .हालांकि लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिली.अधिकतम तापमान 36 व न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
