: अप्रैल माह में नाबालिग सहित 52 बेटियों को दलदल से कराया गया मुक्त
किसी को रोजगार का झांसा तो कई प्रेमजाल में मिले धोखे की हुई शिकार-
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू की गई कई बेटियां मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की शिकार थीं. किसी को बेहतर रोजगार का सपना दिखाकर यहां लाया गया तो कोई प्रेम संबंधों के जाल में फंसकर कोठों तक पहुंच गई. इन लड़कियों ने जो दर्द बयां किया, उसने पुलिस और प्रशासन को भी झकझोर दिया. सरकारी प्रावधान के अनुसार जरूरतमंद नाबालिग पीड़िताओं को भारत सरकार की “मिशन शक्ति” योजना के अंतर्गत इन बेटियों को “उज्ज्वला योजना”, “स्वाधार गृह योजना” और “शक्ति सदन” जैसी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. आर्केस्ट्रा संचालकों में दहशत,शादी विवाह में नही पहुंच पा रही टीम-शादी-विवाह के सीजन में आर्केस्ट्रा संचालकों और कलाकारों के बीच इन दिनों भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है. लगातार प्रशासनिक सख्ती, देर रात जांच अभियान और रास्तों में हो रही रोक-टोक के कारण कई आर्केस्ट्रा टीमें तय कार्यक्रमों में नहीं पहुंच पा रही हैं. इसका सीधा असर शादी समारोहों पर पड़ रहा है. आर्केस्ट्रा संचालकों का कहना है कि रात में जांच और स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों की वजह से कलाकारों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. कई बार टीमों को बीच रास्ते में रोक दिया जाता है, जिससे कार्यक्रम में देरी हो जाती है. कुछ मामलों में आयोजकों को कार्यक्रम रद्द तक करना पड़ा. संचालकों के अनुसार, इस स्थिति से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है. एक संचालक ने बताया कि शादी सीजन में ही उनकी सबसे अधिक कमाई होती है, लेकिन मौजूदा हालात के कारण कई बुकिंग प्रभावित हो रही हैं.
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जिले में पुलिस का ‘ऑपरेशन सवेरा’ लगातार जारी है. अप्रैल माह में 52 पीड़ित बेटियों को सुरक्षित मुक्त कराया गया है. जिन्हें न्यायालय के आदेशानुसार अभिभावकों को सौंप दिया गया. पुरन कुमार झा,एसपी