सीवान: बिहार के सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में आज होगी अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी, समावेशी शिक्षा पर रहेगा विशेष जोर

बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में 'समावेशी शिक्षा: हमारा हर बच्चा महत्वपूर्ण' विषय पर अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी आयोजित करने का निर्देश दिया है. इसका मुख्य उद्देश्य समावेशी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है.

सीवान: बिहार शिक्षा विभाग ने आज 25 जुलाई को राज्य के सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में "समावेशी शिक्षा: हमारा हर बच्चा महत्वपूर्ण" विषय पर अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी आयोजित करने का निर्देश जारी किया है. इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार रवि शेखर विवेक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (एसएसए) को पत्र भेजकर कार्यक्रम की सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा है.

समावेशी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है उद्देश्य

शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार नई शिक्षा सत्र 2025 के वार्षिक कैलेंडर के तहत यह संगोष्ठी आयोजित की जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य अभिभावकों और समुदाय के बीच समावेशी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है.

कार्यक्रम में यह संदेश दिया जाएगा कि प्रत्येक बच्चा अपनी क्षमता, रुचि और सीखने की गति के अनुसार विशेष होता है तथा सभी बच्चों को समान अवसर, सम्मान, सहयोग और सीखने का अनुकूल वातावरण मिलना चाहिए.

अधिक से अधिक अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश

विभाग ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए. संगोष्ठी में समावेशी शिक्षा की अवधारणा, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तथा विद्यालय और अभिभावकों की साझा जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.

बच्चों की उपलब्धियां और प्रगति भी होगी साझा

निर्देश में कहा गया है कि विद्यालय बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों और प्रेरक उदाहरणों को अभिभावकों के साथ साझा करेंगे. साथ ही विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, स्वास्थ्य और पोषण पर भी चर्चा की जाएगी.

अभिभावकों को बच्चों की नियमित उपस्थिति, स्वच्छता और समय पर विद्यालय भेजने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा.

गूगल फॉर्म पर अपलोड करनी होगी रिपोर्ट

शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि संगोष्ठी की पूरी जानकारी राज्य स्तर से उपलब्ध कराए गए गूगल फॉर्म के माध्यम से प्रत्येक विद्यालय को अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी.

सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विद्यालयों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है.

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By मनीष गिरि

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