सीवान: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में बिहार एसटीएफ ने सीवान जिले के मैरवा निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है. आरोपी की गिरफ्तारी सोमवार को मोकामा के पास वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से की गई. इसके बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मोतिहारी पुलिस के हवाले कर दिया गया.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मैरवा निवासी राजन जायसवाल के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार आरोपी ने मोतिहारी सदर के तत्कालीन एसडीओ अरुण कुमार को व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी. रुपये नहीं देने पर तबादला रुकवाने और परेशान करने की धमकी भी दी गई थी.
साइबर थाना में शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ अरुण कुमार ने मोतिहारी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर तकनीकी जांच शुरू की गई. जांच में आरोपी की पहचान होने के बाद कार्रवाई की जिम्मेदारी बिहार एसटीएफ को सौंपी गई. एसटीएफ की टीम ने मोकामा में वंदे भारत एक्सप्रेस से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
मोबाइल से मिले कई अधिकारियों के निजी नंबर
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई अहम सुराग मिले हैं. जांच में उसके मोबाइल में करीब 10 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के निजी मोबाइल नंबर मिले हैं. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आरोपी के इन अधिकारियों से क्या संबंध थे और वह उनके संपर्क में कैसे आया.
पोस्टिंग-ट्रांसफर के नाम पर ठगी की भी जांच
मोतिहारी पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी वास्तव में अधिकारियों की पोस्टिंग और तबादलों को प्रभावित करने की क्षमता रखता था या यह केवल लोगों को ठगने का एक तरीका था. पुलिस आरोपी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रही है.
हाल ही में हुआ था एसडीओ का तबादला
जानकारी के अनुसार एसडीओ अरुण कुमार मूल रूप से सीवान जिले के रहने वाले हैं. उनका तबादला 12 जुलाई को किया गया था और उन्होंने 13 जुलाई को अपने नए पद पर योगदान दिया था. इसी दौरान तबादले के नाम पर रंगदारी मांगने का मामला सामने आया. पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
