Mid-Day Meal Scheme: विद्यालयों में कार्यरत रसोईया-सहायक से अब मध्याह्न भोजन योजना के अतिरिक्त किसी अन्य तरह का काम नहीं लिया जाएगा. इस संबंध में मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है. निदेशक विनायक मिश्र ने निर्देश दिया है कि सभी प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक रसोईया-सहायक के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें और उन्हें केवल मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित कार्यों में ही लगाया जाए.
निदेशालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि इस संबंध में पूर्व में भी 19 मार्च 2018 को स्पष्ट आदेश जारी किया गया था. इसके बावजूद बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना रसोईया संघ के माध्यम से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कई विद्यालयों में रसोईया-सहायक से निर्धारित कार्यों के अलावा विद्यालय की साफ-सफाई जैसे काम भी कराये जा रहे हैं.
झाड़ू लगाने और शौचालय साफ कराने की मिली शिकायत
शिकायतों के अनुसार, कई विद्यालयों में रसोईया-सहायक से मध्याह्न भोजन बनाने, बच्चों को भोजन खिलाने और बर्तन साफ करने के अलावा विद्यालय के प्रांगण और कमरों में झाड़ू लगवाने का काम लिया जा रहा है. इसके साथ ही शौचालयों की सफाई कराने की भी शिकायतें सामने आयी हैं. निदेशालय को रसोईया-सहायकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किए जाने की जानकारी भी मिली है.
केवल मध्याह्न भोजन से जुड़े कार्य ही करेंगे
निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर से सभी प्रधानाध्यापकों एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहें. रसोईया-सहायक से मध्याह्न भोजन तैयार कराने, बच्चों को भोजन खिलाने और बर्तन की साफ-सफाई आदि के अतिरिक्त कोई अन्य कार्य नहीं लिया जाएगा.
आदेश का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश
निदेशालय ने रसोईया-सहायकों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है. साथ ही पूर्व में जारी आदेश का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी जिला स्तर के अधिकारियों को दी गयी है. निर्देश के बाद विद्यालयों में रसोईया-सहायकों से निर्धारित कार्यों के अलावा अन्य काम लिए जाने पर रोक लगने की उम्मीद है.
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