सीवान: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट सीवान एवं आरपीएफ पोस्ट छपरा की संयुक्त टीम ने मैरवा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए रेल सिग्नल केबल चोरी कर ले जा रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से रेलवे की सिग्नलिंग प्रणाली में प्रयुक्त 12-कोर रेल सिग्नल केबल बरामद किया गया है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार बरामद केबल की अनुमानित कीमत करीब 7 हजार रुपये है.
स्टेशन और माल गोदाम क्षेत्र में चल रही थी निगरानी
आरपीएफ के अनुसार बुधवार को सहायक उपनिरीक्षक नंद किशोर सिंह, हेड कांस्टेबल धर्म प्रकाश मिश्रा और कांस्टेबल विनोद कुमार वर्मा मैरवा रेलवे स्टेशन पर रेल संपत्ति की सुरक्षा एवं अपराध निरोधक ड्यूटी में तैनात थे. इसी दौरान आरपीएफ पोस्ट छपरा के सहायक उपनिरीक्षक ब्रिज सुंदर भी वहां पहुंचे. इसके बाद दोनों पोस्ट की संयुक्त टीम ने प्लेटफॉर्म संख्या-1 एवं माल गोदाम रैक साइडिंग क्षेत्र में सघन निगरानी शुरू की.
गले में केबल लपेटकर ले जा रहे थे दोनों युवक
गश्त के दौरान आरपीएफ टीम ने माल गोदाम रैक साइडिंग के जीरादेई छोर की ओर दो संदिग्ध व्यक्तियों को जाते देखा. दोनों अपने गले में रेल सिग्नल केबल लपेटकर ले जा रहे थे. उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर आरपीएफ टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दोनों युवकों को पकड़ लिया.
दो टुकड़ों में कटी 12-कोर केबल बरामद
पकड़े गए दोनों युवकों की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से दो टुकड़ों में कटी हुई 12-कोर रेल सिग्नल केबल बरामद की गयी. पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी केबल के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या स्वामित्व का प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके. इसके बाद आरपीएफ ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
उमेश साह और विजय राजभर गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सीवान जिले के मैरवा थाना क्षेत्र के मैदानिया निवासी उमेश साह तथा गुठनी निवासी विजय राजभर (20) के रूप में हुई है. आरपीएफ ने दोनों आरोपियों से पूछताछ कर केबल चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास किया.
7 हजार रुपये बतायी गयी केबल की कीमत
रेलवे अधिकारियों के अनुसार बरामद 12-कोर रेल सिग्नल केबल की अनुमानित कीमत करीब 7,000 रुपये है. आरपीएफ ने बरामद केबल को जब्त कर लिया है और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
रेल संपत्ति अधिनियम के तहत केस दर्ज
दोनों आरोपियों के विरुद्ध रेल संपत्ति अधिनियम की धारा 3 के तहत आरपीएफ पोस्ट सीवान में कांड संख्या 08/2026 दर्ज किया गया है. मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक शैलेंद्र कुमार पांडेय को सौंपी गयी है. आरपीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि केबल को कहां से काटकर चोरी किया गया था और इस घटना में आरोपियों के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं.
