सीवान : मैरवा मेडिकल कॉलेज में निर्माण कार्य ठप, 4 महीने से मजदूरी नहीं मिलने पर मजदूरों का फूटा गुस्सा

Mairwa Medical College : सीवान के मैरवा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में काम कर रहे सैकड़ों मजदूरों ने चार महीने से मजदूरी न मिलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. समय पर भुगतान न होने से परेशान मजदूरों ने निर्माण कार्य रोक दिया है. पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

Mairwa Medical College : सीवान के मैरवा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में काम कर रहे सैकड़ों मजदूरों ने चार महीने से मजदूरी नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को जमकर हंगामा किया. मजदूरों का कहना है कि उन्हें समय पर मजदूरी नहीं दिया जा रहा है. खाने-पीने के लिए मिलने वाली राशि के भुगतान में भी देरी हो रही है. इससे नाराज मजदूरों ने निर्माण कार्य बाधित कर दिया.

परिवार से दूर रहकर काम कर रहे मजदूरों की बढ़ी परेशानी

मजदूरों ने निर्माण एजेंसी और वहां कार्यरत पदाधिकारियों पर शोषण का आरोप लगाया. उनका कहना है कि वे कई महीनों से अपने घर-परिवार से दूर रहकर मेडिकल कॉलेज के निर्माण में काम कर रहे हैं. समय पर मजदूरी नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

बिहार के कई जिलों से पहुंचे हैं मजदूर

मैरवा मेडिकल कॉलेज में मोतिहारी, पूर्णिया समेत बिहार के कई जिलों के मजदूर काम कर रहे हैं. कई मजदूर अपने छोटे बच्चों, पत्नी और बीमार माता-पिता को घर पर छोड़कर रोजी-रोटी के लिए यहां पहुंचे हैं. मजदूरों का कहना है कि परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उन्हें अपनी ही मेहनत की मजदूरी के लिए गुहार लगानी पड़ रही है.

परिजनों की बीमारी और जरूरी खर्च ने बढ़ाई चिंता

मजदूरों के अनुसार, घर पर परिजनों की तबीयत खराब होने और अन्य जरूरी खर्चों के बावजूद उन्हें समय पर मजदूरी नहीं मिल रही है. उनका आरोप है कि कंपनी और निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. मजदूरों का कहना है कि लंबे समय तक भुगतान अटकने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है.

पानी और शौचालय की सुविधा को लेकर भी नाराजगी

मजदूरों ने कॉलेज परिसर में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली का भी आरोप लगाया. उनका कहना है कि परिसर में लगा मोटर कई महीनों से खराब है, लेकिन उसे ठीक नहीं कराया जा रहा है. शौचालयों की स्थिति भी जर्जर बताई गई है. पानी और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाओं के अभाव में मजदूरों को रहने और सोने में काफी परेशानी हो रही है.

पेटी कांट्रैक्टरों के जरिए निर्माण कराने का आरोप

मजदूरों ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज में दर्जनों पेटी कांट्रैक्टरों के माध्यम से निर्माण कार्य कराया जा रहा है. उनका कहना है कि मजदूरों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इसी नाराजगी के चलते आक्रोशित मजदूरों ने निर्माण कार्य रोककर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया.

बकाया मजदूरी और सुविधाओं को लेकर रखी मांगें

मजदूरों ने बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान कराने की मांग की है. इसके साथ ही खाने के लिए मिलने वाली राशि समय पर देने तथा पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त कराने की मांग रखी है. मजदूरों का कहना है कि उन्हें अपनी मेहनत का पैसा समय पर मिलना चाहिए और काम करने के लिए जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए.

निर्माण एजेंसी और अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया

मामले को लेकर निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आ सका है. ऐसे में मजदूरों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. अब संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है.

Also Read : सीवान: बड़हरिया पैक्स चुनाव के पहले दिन 28 उम्मीदवारों का नामांकन, 1 सितंबर को वोटिंग


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मनीष गिरि

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >