Siwan News : मैरवा थाना क्षेत्र के गुठनी मोड़ पर स्थापित पुलिस टीओपी पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है. टीओपी भवन पर ताला लटका रहने से स्थानीय लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है. कभी इसी टीओपी से पूरे इलाके में पुलिस की नियमित निगरानी होती थी, लेकिन लंबे समय से इसके बंद रहने के कारण लोगों को पुलिस की मौजूदगी महसूस नहीं हो रही है. इससे अपराध नियंत्रण और आपात स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता मिलने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग, फिर भी नहीं है पुलिस की स्थायी मौजूदगी
गुठनी मोड़ मैरवा, गुठनी, दरौली और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण चौराहा है. इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन, यात्री और व्यापारी गुजरते हैं. इसके बावजूद यहां पुलिस टीओपी बंद रहने से आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय इस इलाके में पुलिस गश्त भी कम दिखाई देती है, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी होती है.
टीओपी बंद होने से बढ़ी पुलिस की प्रतिक्रिया में देरी
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, टीओपी संचालित रहने के दौरान यातायात व्यवस्था बेहतर रहती थी. सड़क दुर्घटना या किसी विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच जाती थी. अब किसी भी घटना की सूचना मिलने पर मैरवा थाना से पुलिस के पहुंचने में समय लग जाता है, जिससे कई बार स्थिति बिगड़ने की आशंका बनी रहती है.
व्यवसायियों ने जताई अपराध बढ़ने की आशंका
क्षेत्र के व्यवसायियों का कहना है कि गुठनी मोड़ पर दिनभर बाजार जैसा माहौल रहता है. यहां कई दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं. ऐसे में पुलिस की स्थायी मौजूदगी आवश्यक है. उनका कहना है कि टीओपी बंद रहने से असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ सकता है और चोरी, छिनतई जैसी घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
टीओपी जल्द चालू करने की उठी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और पुलिस प्रशासन अपराध नियंत्रण एवं जनता की सुरक्षा को लेकर लगातार दावे करता है, लेकिन गुठनी मोड़ जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर पुलिस टीओपी का महीनों से बंद रहना इन दावों पर सवाल खड़ा करता है. लोगों ने पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से टीओपी में जल्द पुलिस बल की तैनाती कर इसे पुनः चालू करने की मांग की है.
टीओपी चालू होने से कानून-व्यवस्था होगी मजबूत
ग्रामीणों का मानना है कि यदि गुठनी मोड़ पुलिस टीओपी दोबारा सक्रिय हो जाती है, तो अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं, जाम की समस्या और आपातकालीन परिस्थितियों में भी पुलिस की त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी. अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं कि यह बंद टीओपी आखिर कब दोबारा शुरू होगी.
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