सीवान: लकड़ीनबीगंज में डिग्री कॉलेज के स्थल को लेकर विरोध, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

लकड़ीनबीगंज प्रखंड में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के स्थल चयन को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है. मूसेपुर में कॉलेज का स्थल तय किए जाने पर आपत्ति जताते हुए, इसे प्रखंड मुख्यालय के आसपास स्थानांतरित करने की मांग की गई है. स्थल नहीं बदलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है.

siwan news: लकड़ीनबीगंज प्रखंड में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के स्थल चयन को लेकर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है. गुरुवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित शिव मंदिर परिसर में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें मूसेपुर में कॉलेज का स्थल तय किये जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे बदलने की मांग की गयी. बैठक के बाद अंचलाधिकारी और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में पुनर्विचार करने की मांग की गयी.

मुख्यालय के आसपास कॉलेज बनाने की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि डिग्री कॉलेज का निर्माण प्रखंड मुख्यालय या इसके आसपास के इलाके में होना चाहिए था. इसके लिए लकड़ी, मदारपुर, परौली, लखनौरा और भोपतपुर जैसे क्षेत्रों को उपयुक्त बताया गया. ग्रामीणों के अनुसार, इसके विपरीत प्रखंड मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर मूसेपुर में कॉलेज का स्थल तय किया गया है.

ग्रामीणों ने बताया कि मूसेपुर छपरा, गोपालगंज और सीवान के सीमावर्ती क्षेत्र के पास स्थित है. वहीं, प्रखंड के अंतिम छोर पर स्थित भादा खुर्द पंचायत से इसकी दूरी करीब 25 से 27 किलोमीटर पड़ती है. ऐसे में दूर-दराज की पंचायतों के विद्यार्थियों को कॉलेज आने-जाने में परेशानी होगी.

सुनसान रास्ते और सुरक्षा को लेकर उठाये सवाल

ग्रामीणों ने चयनित स्थल की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाये. उनका कहना है कि कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता सुनसान नहर क्षेत्र से होकर गुजरता है और जमीन चवर क्षेत्र में स्थित है. ऐसे स्थान पर छात्र-छात्राओं, खासकर छात्राओं के लिए आवागमन में परेशानी और सुरक्षा का खतरा बना रहेगा.

ग्रामीणों के अनुसार, दूर-दराज की पंचायतों की छात्राओं के लिए इतनी दूरी तय कर कॉलेज पहुंचना मुश्किल होगा. इसलिए ऐसी जगह कॉलेज का निर्माण होना चाहिए, जहां अधिक से अधिक विद्यार्थियों को आसानी से पहुंचने की सुविधा मिल सके.

स्थल नहीं बदला तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बैठक की अध्यक्षता मुखिया संघ के उपाध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने की. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यदि कॉलेज का स्थल नहीं बदला गया तो शिक्षा विभाग के सचिव से लेकर पटना हाइकोर्ट तक शिकायत की जायेगी. जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जायेगा. लोगों ने कहा कि न्याय नहीं मिलने पर आगे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे.

25 सदस्यीय संघर्ष समिति बनाने का निर्णय

बैठक में सर्वसम्मति से डिग्री महाविद्यालय निर्माण संघर्ष समिति मोर्चा गठित करने का निर्णय लिया गया. इसके लिए रामायण सिंह को अध्यक्ष, जितेंद्र सिंह को उपाध्यक्ष, जदयू नेता सैयद नजमुल होदा को सचिव, पैक्स अध्यक्ष वशीम राजा उर्फ छोटे हुसैन को कोषाध्यक्ष और हरिकिशोर यादव को संयोजक बनाया गया.

समिति में पंचायत प्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत 25 सदस्य शामिल किये जायेंगे.

सभी नौ पंचायतों के विद्यार्थियों को सुविधा देने की मांग

ग्रामीणों ने कहा कि लकड़ी, परौली, बसौली, खवासपुर, लखनौरा, भोपतपुर, डुमरा, बलडीहा और भादा खुर्द समेत सभी नौ पंचायतों के लोगों की मांग है कि कॉलेज ऐसी जगह बने, जहां अधिक से अधिक विद्यार्थियों को आसानी से पहुंचने की सुविधा मिले.

ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी ने प्रखंड मुख्यालय के आसपास परौली पंचायत में उपलब्ध जमीन का निरीक्षण और भौतिक सत्यापन भी किया था. इसके बावजूद बाद में मूसेपुर स्थित प्लस टू विद्यालय में कॉलेज शुरू करने का निर्णय लिया गया.

अंचल प्रतिलिपिकार को सौंपा हस्ताक्षरयुक्त आवेदन

ग्रामीणों ने कॉलेज के स्थल चयन के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की. इस संबंध में अंचल प्रतिलिपिकार अशोक कुमार को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपा गया. आवेदन के माध्यम से अंचलाधिकारी और जिलाधिकारी से मामले में पुनर्विचार कर कॉलेज के लिए अधिक सुविधाजनक स्थल का चयन करने की मांग की गयी.

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By Vivek Kumar

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