सीवान के बालगृह में छपरा के 24 वर्षीय युवक की मौत, पटना से हुआ था ट्रांसफर, अस्पताल ले जाते समय गई जान

Siwan children Home Youth Dies : सीवान के जीरादेई प्रखंड स्थित बालगृह में 24 वर्षीय युवक पप्पू कुमार की दुखद मौत हो गई. युवक मानसिक बीमारी से पीड़ित था और उसे पटना से स्थानांतरित किया गया था. अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी तबीयत बिगड़ने से जान चली गई.

Siwan children Home Youth Dies : सीवान के जीरादेई प्रखंड के भैंसाखाल स्थित बालगृह में मंगलवार की सुबह 24 वर्षीय युवक पप्पू कुमार की मौत हो गयी. वह मूल रूप से छपरा जिले का रहने वाला बताया गया है. लंबे समय से उसकी तबीयत खराब रहने की बात सामने आयी है. सोमवार रात हालत बिगड़ने के बाद बालगृह कर्मी उसे सदर अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गयी.

सोमवार रात अचानक बिगड़ी तबीयत

भैंसाखाल स्थित बालगृह में सोमवार की रात पप्पू कुमार की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गयी. इसके बाद बालगृह के कर्मचारियों ने उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाने की तैयारी की. अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी हालत गंभीर हो गयी और उसने दम तोड़ दिया.

सुबह सदर अस्पताल लाया गया शव

मंगलवार की सुबह पप्पू कुमार के शव को सदर अस्पताल लाया गया. यहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराने की तैयारी की जा रही थी. समाचार लिखे जाने तक शव सदर अस्पताल में रखा हुआ था.

लंबे समय से मानसिक बीमारी से जूझ रहा था युवक

बालगृह के सहायक निदेशक रूपेश कुमार के अनुसार, पप्पू कुमार मानसिक रूप से बीमार था. उसकी बीमारी को लेकर पहले भी कई बार इलाज कराया गया था. बताया गया कि उसे पटना के पीएमसीएच में भी उपचार के लिए ले जाया गया था.

तीन दिन पहले भी बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के अनुसार, पप्पू की तबीयत करीब तीन दिन पहले भी खराब हुई थी. उस समय उसे सदर अस्पताल में दिखाये जाने की बात सामने आयी है. इसके बाद सोमवार रात उसकी तबीयत फिर अचानक ज्यादा बिगड़ गयी.

पटना के बालगृह से सीवान किया गया था स्थानांतरित

बताया जाता है कि भैंसाखाल में बालगृह का निर्माण होने के बाद पप्पू कुमार को पटना स्थित बालगृह से सीवान स्थानांतरित किया गया था. वह मूल रूप से छपरा जिले का रहने वाला बताया गया है.

18 साल से अधिक उम्र होने के बावजूद बालगृह में था

सहायक निदेशक रूपेश कुमार ने बताया कि पप्पू की उम्र 18 वर्ष से अधिक थी. नियम के अनुसार बालगृह में 18 वर्ष तक के बच्चों को रखने का प्रावधान है. हालांकि, मानसिक बीमारी और उसके लिए अन्य व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे बालगृह में रखा गया था.

परिजनों की जानकारी जुटाने में जुटा विभाग

अधिकारी के अनुसार, फिलहाल विभाग के पास पप्पू कुमार के परिजनों से संबंधित कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. उसकी पहचान और परिवार के सदस्यों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. परिजनों की जानकारी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह

पप्पू कुमार की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल उसकी तबीयत बिगड़ने और अस्पताल ले जाते समय मौत होने की जानकारी सामने आयी है. विभागीय अधिकारी मामले से जुड़ी आवश्यक जानकारी जुटा रहे हैं.

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By अमरनाथ शर्मा

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