Siwan News: स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नई पहल शुरू की गई है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका और काम्फेड के संयुक्त तत्वावधान में प्रखंड की सभी 16 पंचायतों में एक-एक सुधा पार्लर खोला जाएगा. इन बिक्री केंद्रों पर सुधा डेयरी के दूध और दूध से बने उत्पादों की बिक्री की जाएगी.
मिल्क पार्लर खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है. विभाग के अनुसार आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 24 जुलाई निर्धारित की गई है. इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 19 जुलाई थी, जिसे बढ़ाया गया है.
जिला परियोजना प्रबंधक करुणा शंकर ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए जीविका समूह से जुड़ी वही महिलाएं पात्र होंगी, जिन्हें मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहले चरण में 10 हजार रुपये की सहायता राशि मिल चुकी है और जिन्होंने समूह से लिए गए ऋण का समय पर भुगतान किया है.
उन्होंने बताया कि एक पंचायत से एक से अधिक आवेदन आने की स्थिति में लॉटरी के माध्यम से एक जीविका दीदी का चयन किया जाएगा. चयनित महिला को पंचायत में सुधा मिल्क पार्लर संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी.
70 वर्ग फीट जगह होना अनिवार्य
मिल्क पार्लर खोलने के लिए चयनित जीविका दीदी के पास कम से कम 70 वर्ग फीट का कमरा होना जरूरी है. यह कमरा निजी हो सकता है या लीज अथवा किराये पर भी लिया जा सकता है.
योजना के तहत प्रत्येक पंचायत में करीब 75 हजार रुपये की लागत से बिक्री केंद्र तैयार किया जाएगा. इसमें जीविका की ओर से चयनित दीदी को 60 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग ऋण के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि शुरुआती स्तर पर 15 हजार रुपये का योगदान स्वयं करना होगा.
सुधा उत्पादों की होगी बिक्री
सुधा बिक्री केंद्रों पर सुधा दूध, पनीर, पेड़ा, घी सहित डेयरी के अन्य उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे. इस पहल से जीविका समूह की महिलाओं को नियमित आय का साधन मिलेगा और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगी. अधिकारियों का कहना है कि योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है.
