अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

तीखी धूप और गर्म हवा के प्रकोप के बाद हो रही बारिश ने मौसम सुहावना तो बना हुआ है. इसके साथ ही बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. मौसम में अचानक आए बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है. शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दी, जुकाम, बुखार, वायरल संक्रमण, उल्टी-दस्त और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. हालात यह है कि सरकारी अस्पतालों के साथ साथ निजी अस्पतालों और क्लिनिकों में मरीजों की लंबी कतारें लग रही है.

सीवान. तीखी धूप और गर्म हवा के प्रकोप के बाद हो रही बारिश ने मौसम सुहावना तो बना हुआ है. इसके साथ ही बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. मौसम में अचानक आए बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है. शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दी, जुकाम, बुखार, वायरल संक्रमण, उल्टी-दस्त और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. हालात यह है कि सरकारी अस्पतालों के साथ साथ निजी अस्पतालों और क्लिनिकों में मरीजों की लंबी कतारें लग रही है. सामान्य दिनों की तुलना में इन दिनों मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है. अस्पताल पहुंच रहे मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है.कई मरीज तेज बुखार, बदन दर्द, खांसी-जुकाम और वायरल संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. वहीं दूषित पानी पीने और बाहर के खाद्य पदार्थ खाने से पेट संबंधी बीमारियों के मामले भी तेजी से बढ़े है. चिकित्सक डॉ. संजय गिरी का कहना है कि तेज गर्मी के बाद अचानक बारिश होने से तापमान में तेजी से बदलाव आया है. जिससे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है. इसके अलावा बारिश के दौरान भीगने के बाद सावधानी न बरतने और गंदे पानी के संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है. डेंगू,चिकनगोनिया व मलेरिया का खतरा बारिश के चलते शहर और गांवों में कई स्थानों पर जल जमाव की स्थिति भी बन गई है. नालियों में गंदा पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. जिससे डेंगू,चिकनगोनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छरदानी का उपयोग करने की अपील की है. बदलते मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना बेहद आवश्यक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बदलते मौसम में थोड़ी सी सावधानी और सही जीवन शैली अपनाकर इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है.बुखार, सिरदर्द, उल्टी, दस्त या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर उन्हें नजरअंदाज न करें.कई बार लोग इसे सामान्य मौसम बदलाव का लक्षण समझकर घरेलू उपायों पर निर्भर रहते है. जो खतरनाक साबित हो सकता है. तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और जरूरी जांच करवाएं. मौसम बदलते समय रोजाना व्यायाम करें, पर्याप्त नींद लें और तनाव कम रखें. इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर पूरे परिवार को स्वस्थ रखा जा सकता है. मौसम बदलने पर सबसे बड़ा खतरा पानी और खाने से जुड़ी बीमारियों का होता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय स्वच्छ पानी पीना सबसे महत्वपूर्ण है. मौसम बदलते समय खाना जल्दी खराब हो जाता है. इसलिए ताजा और अच्छे से पका हुआ भोजन ही खाएं.संतुलित और पौष्टिक आहार लें जिसमें मौसमी फल, सब्जियां, दालें, अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल हो. इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Deepak Mishra

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
Tags
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >