प्रतिनिधि, सीवान/मैरवा. मैरवा रेफरल अस्पताल के प्रभारी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर रवि प्रकाश ने नगर के प्राणगढ़ी स्थित लक्ष्मीना सेवा सदन निजी अस्पताल में छापेमारी कर इलाज के पैसे के लिए तीन दिन से बंधक बनाये गये एक नवजात बच्चे को मुक्त कराया तथा बेहतर इलाज के लिए उसे सदर अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया. बताया जाता है कि जीरादेई के ककरघटी गांव के राजू कुमार की पत्नी प्रीति देवी ने तीन दिन पहले सामान्य प्रसव से समय से पहले एक बच्चे को जन्म दिया था. प्रसव के बाद राजू कुमार द्वारा जब इलाज के 24 हजार रूपये नहीं दिये तो डॉक्टर द्वारा प्रसूता को घर भेज दिया गया तथा बच्चे को रख लिया गया. बच्चे को जब डॉक्टर द्वारा नहीं दिया गया तो राजू कुमार ने मैरवा रेफरल अस्पताल के प्रभारी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर रवि प्रकाश से लिखित शिकायत की शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि लक्ष्मीना सेवा सदन के डॉक्टरों द्वारा तीन दिन के उसके नवजात बच्चे को बंधक बनाये हुए हैं और इलाज के नाम पर अधिक रुपये की मांग कर रहें हैं. सूचना मिलते ही प्रभारी मेडिकल ऑफिसर रवि प्रकाश मामले को संज्ञान लेते हुए लक्ष्मीना सेवा सदन पहुंचे तो जांच के दौरान चिकित्सक द्वारा मरीज के प्रति अपशब्द भाषा का प्रयोग किया गया. इसके बाद मेडिकल ऑफिसर ने नवजात बच्चे को दिये टीके व दवा सहित अन्य जानकारियां लिया है. उन्होंने चिकित्सक से अपना जवाब देने का निर्देश दिया है. निजी अस्पताल के चिकित्सक दीपक कुमार यादव ने कहा कि दलालों के बहकावे में आकर मरीज द्वारा साजिश के तहत फंसाने का काम किया जा रहा है. इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि नवजात बच्चे को मुक्त कराकर सीवान सदर अस्पताल में शिफ्ट कराया गया है और चिकित्सक दीपक कुमार यादव से स्पष्टीकरण पूछा गया है. वहीं सिविल सर्जन डॉ श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर बच्चे को मुक्त कराकर सदर अस्पताल के एसएनसीयू ने भर्ती किया गया है. प्रभारी मेडिकल ऑफिसर को जांच कर उचित करवाई करने का निर्देश दिया गया है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
