सीवान : निजी काम को मनरेगा दिखा 2.89 लाख की धांधली, पंचायत कर्मी पर मिलीभगत का आरोप, जानें पूरा मामला

Guthani MGNREGA Irregularities : सीवान के गुठनी में मनरेगा योजना में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि दो साल पहले निजी जमीन पर हुए मिट्टीकरण के काम को सरकारी योजना बताकर ₹2.89 लाख की राशि निकाल ली गई. मामले में पंचायत रोजगार सेवक पर मिलीभगत का भी आरोप है.

Guthani MGNREGA Irregularities : सीवान के गुठनी प्रखंड की जतौर पंचायत के रेवासी गांव में मनरेगा योजना को लेकर कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि करीब दो साल पहले निजी जमीन पर कराये गये मिट्टीकरण के काम को मनरेगा का सरकारी कार्य दिखाकर 2 लाख 89 हजार 250 रुपये की राशि निकाल ली गयी. मामले में पंचायत रोजगार सेवक अमरजीत यादव की कथित मिलीभगत का आरोप लगाया गया है. ग्रामीणों ने जांच, दोषियों पर कार्रवाई और सरकारी राशि की रिकवरी की मांग की है.

निजी काम को मनरेगा योजना में दिखाने का आरोप

मामला रेवासी गांव में पीसीसी पुल से डब्लू सिंह के पोखरा तक बंधा निर्माण के नाम पर संचालित मनरेगा योजना से जुड़ा है. ग्रामीणों और निजी जमीन मालिक आनंद सिंह के अनुसार, पोखरा में मिट्टीकरण का काम करीब दो वर्ष पहले उनके निजी खर्च से कराया गया था. आरोप है कि बाद में इसी काम को मनरेगा योजना के तहत सरकारी कार्य के रूप में दर्ज कर दिया गया.

2 लाख 89 हजार 250 रुपये की राशि पर उठे सवाल

आरोप है कि निजी कार्य को मनरेगा का सरकारी कार्य दिखाकर कुल 2 लाख 89 हजार 250 रुपये की सरकारी राशि की निकासी की गयी. ग्रामीणों का कहना है कि योजना के नाम पर सरकारी राशि खर्च किये जाने की प्रक्रिया की जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके.

जॉब कार्डधारकों के खातों में भेजी गयी राशि का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार योजना की राशि कथित तौर पर मनरेगा जॉब कार्डधारकों समेत अन्य लोगों के बैंक खातों में भेजी गयी. इसके बाद संबंधित जॉब कार्डधारकों से राशि का उठाव भी कराये जाने का आरोप लगाया गया है. ग्रामीणों ने इस पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की है.

पंचायत रोजगार सेवक पर मिलीभगत का आरोप

मामले में पंचायत रोजगार सेवक अमरजीत यादव की कथित मिलीभगत का आरोप लगाया गया है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.

ग्रामीणों ने जांच और रिकवरी की मांग की

ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच करायी जाये तो योजना से जुड़ी पूरी अनियमितता सामने आ सकती है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के साथ सरकारी राशि की रिकवरी कराने की मांग की है.

बीडीओ बोले, शिकायत मिलने पर होगी जांच

गुठनी के बीडीओ नवनीत नमन ने बताया कि उन्हें फिलहाल मामले की जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच करायी जाएगी. जांच में आरोप सही पाये जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

जांच के बाद स्पष्ट होगी योजना की वास्तविक स्थिति

मामले में अभी ग्रामीणों की ओर से लगाये गये आरोप सामने आये हैं. सरकारी स्तर पर जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मनरेगा योजना के तहत दर्ज कार्य वास्तव में कराया गया था या पहले से हुए निजी कार्य को योजना में दिखाया गया. जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.

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By चंद्र प्रकाश दूबे

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