Bihar Weather Update: गोपालगंज समेत सीवान, छपरा और उत्तर बिहार के कई इलाकों में मंगलवार को तेज बारिश हुई. बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया और उमस व गर्मी से लोगों को राहत मिली. कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी हैं. वहीं दूसरी ओर नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश और वहां से नदियों में आ रहे पानी ने बिहार में बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है.
तेज बारिश से मौसम हुआ सुहाना
सुबह से ही कई इलाकों में बादल छाए रहे और इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गयी. गोपालगंज, सीवान और छपरा समेत आसपास के क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट महसूस की गयी. लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिली. सड़कों और बाजारों में भी मौसम का असर देखने को मिला.
नेपाल का पानी नदियों में बढ़ा रहा दबाव
एक ओर बारिश से मौसम सुहाना हुआ है, तो दूसरी ओर नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर उत्तर बिहार की नदियों पर पड़ रहा है. नेपाल से आने वाले पानी के कारण गंडक समेत कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है. गोपालगंज, सीवान और सारण के नदी किनारे वाले क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है.
गंडक नदी के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
नेपाल से पानी आने और वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है. प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें तटबंधों और संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं.
IMD ने बारिश को लेकर क्या कहा
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा अपडेट के अनुसार बिहार में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं. IMD के जिला-स्तरीय निगरानी सिस्टम में बारिश और मौसम संबंधी चेतावनियों को लगातार अपडेट किया जा रहा है. विभाग के अनुसार मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
IMD के 1 सितंबर के अपडेट में अगले एक सप्ताह के लिए देश के प्रायद्वीपीय हिस्से में बारिश की गतिविधि कम रहने की बात कही गई है. इसका मतलब बिहार के लिए यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह खत्म हो जाएगी. बिहार में स्थानीय मौसम और बारिश की स्थिति के लिए जिला-स्तरीय पूर्वानुमान बनी हुई हैं.
बारिश राहत भी, आफत भी
गोपालगंज, सीवान और छपरा में बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं नेपाल से आने वाले पानी ने नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ा दी है. प्रशासन की ओर से लोगों से नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है.
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