Government Schemes: फाइलेरिया यानी हाथीपांव से पीड़ित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से दरौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में विशेष पंजीकरण एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में 25 फाइलेरिया मरीजों का ‘स्वावलंबन’ यूडीआईडी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराया गया. पंजीकरण के माध्यम से पात्र मरीजों को दिव्यांगजनों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में सहूलियत होगी.
शिविर में मरीजों को फाइलेरिया के कारण होने वाली सूजन को नियंत्रित करने और प्रभावित अंगों की उचित देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. मरीजों को प्रभावित अंगों की नियमित साफ-सफाई, त्वचा की देखभाल और उचित व्यायाम सहित आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया गया. साथ ही, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाओं के सेवन पर भी जोर दिया गया.
मरीजों को दी गयी एमएमडीपी किट
शिविर में शामिल सभी 25 मरीजों को मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसएबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) के तहत प्रभावित अंगों की देखभाल का प्रशिक्षण दिया गया. मरीजों को एमएमडीपी किट उपलब्ध कराते हुए उसके सही इस्तेमाल की जानकारी दी गयी.
स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि प्रभावित अंगों की नियमित देखभाल से फाइलेरिया से होने वाली जटिलताओं और विकलांगता के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है. मरीजों से नियमित रूप से स्वास्थ्यकर्मियों के संपर्क में रहने और परेशानी होने पर स्वास्थ्य केंद्र से सलाह लेने की अपील की गयी.
सरकारी योजनाओं से जोड़ना महत्वपूर्ण कदम
कार्यक्रम प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एलबी यादव, बीसीएम सरफराज एवं शशि की देखरेख में आयोजित हुआ. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एलबी यादव ने कहा कि फाइलेरिया मरीजों को समय पर उचित देखभाल और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने से बीमारी से होने वाली जटिलताओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. वहीं, सरकारी योजनाओं से जोड़ना मरीजों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
पिरामल स्वास्थ्य टीम ने किया सहयोग
शिविर में पिरामल स्वास्थ्य की टीम ने मरीजों के ऑनलाइन पंजीकरण में सहयोग किया. पीएलसीडी राजेश तिवारी के निर्देशन में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करायी गयी. इस दौरान नवीन शुक्ला, तौफीक मजूमदार, फूल सिंह और आकाश चौबे ने सक्रिय भूमिका निभायी.
स्वास्थ्य केंद्र प्रशासन ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि फाइलेरिया मरीजों की पहचान, देखभाल, प्रशिक्षण और उन्हें सरकारी सुविधाओं से जोड़ने के लिए आगे भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे.
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