17 दिनों के लॉकडाउन में प्रदूषण का स्तर पर पहुंचा 48 एक्यूआइ

सीवान : लॉकडाउन के कारण 17 दिनों में जिले का एक्यूआइ (एयर क्वालिटी इंडेक्स) यानी वायु का गुणवत्ता सूचकांक आश्चर्य जनक रूप से 48 पर आ गया है. यह लॉकडाउन से पहले 100 से 105 के आसपास रहता था. वहीं इन 17 दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में भी 99.50 प्रतिशत की कमी आयी है. सदर […]

सीवान : लॉकडाउन के कारण 17 दिनों में जिले का एक्यूआइ (एयर क्वालिटी इंडेक्स) यानी वायु का गुणवत्ता सूचकांक आश्चर्य जनक रूप से 48 पर आ गया है. यह लॉकडाउन से पहले 100 से 105 के आसपास रहता था. वहीं इन 17 दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में भी 99.50 प्रतिशत की कमी आयी है. सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अहमद अली के अनुसार प्रदूषण का स्तर एक्यूआइ 50 से ऊपर रहने पर संवेदनशील लोगों जैसे अस्थमा और हृदय रोग के मरीज, बच्चों और बड़े सहित युवा लोगों को असुविधा के कारण सांस लेने में तकलीफ होती है. कोरोना वायरस जैसी गंभीर महामारी के संक्रमण की रोकथाम को लेकर 22 मार्च से पूरे देश सहित जिले में लागू किये गये लॉकडाउन के चलते जिले में सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में अप्रत्याशित कमी आयी है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की माने तो बस, ट्रक व अन्य वाहनों के परिचालन पर पूर्ण रोक व लॉकडाउन के कारण निजी गाडियां भी कम चल रही है.जिले में 268 ईंट भट्ठे बंद-लॉक डाउन में तो जिले की ईंट भट्ठों बंद पड़ी है. जिला ईंट निर्माता संघ प्रवक्ता नुरुल हक ने बताया कि जिले में लगभग 300 ईंट भट्ठा चिमनियां रजिस्टर्ड है. जिसमें मार्च में हुई बारिश के बाद 30 से 32 चिमनियों में ईंट पकाने के कार्य शुरू हुआ था. जिन चिमनियों में आग जला दी गयी थी वहीं चल रही है. अन्यथा सभी बंद है. उन्होंने यह भी कहा कि जिले में लगभग 268 चिमनियां लॉकडाउन के कारण बंद पड़ी है. ईंट-भट्ठे में अधिकांश मजदूरों के नहीं आने से बंद है. उनकी चिमनी धुआं नहीं उगल रही है

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By Prabhat khabar news desk

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