Siwan News : सीवान जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने मंगलवार को शहर स्थित सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श) विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. अचानक स्कूल पहुंचे डीएम ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से बातचीत की और विद्यालय में चल रही पढ़ाई की व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने छात्रों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए नियमित रूप से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया.
छात्रों से जाना पढ़ाई का स्तर
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अलग-अलग कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से विभिन्न विषयों को लेकर सवाल किए. उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, समस्याओं और जरूरतों के बारे में जानकारी ली. अपने बीच जिलाधिकारी को देखकर छात्र-छात्राएं काफी उत्साहित नजर आए और उन्होंने खुलकर अपनी बातें रखीं.
कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश
डीएम ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण और व्यवहारिक शिक्षा पर विशेष जोर देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से बच्चों में केवल रटने की प्रवृत्ति कम होती है, बल्कि विषयों को समझने और उनका व्यवहारिक उपयोग करने की क्षमता भी विकसित होती है.
उन्होंने निर्देश दिया कि कक्षा में कमजोर छात्रों को चिह्नित किया जाए और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाए. ऐसे छात्रों के लिए नियमित रूप से विशेष उपचारात्मक कक्षाएं यानी रेमेडियल क्लास संचालित करने को कहा, ताकि उनकी शैक्षणिक कमियों को दूर किया जा सके.
साफ-सफाई से लेकर पेयजल तक पर जोर
जिलाधिकारी ने विद्यालय की बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया. उन्होंने कहा कि समय-सारणी के अनुसार सभी कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित होना चाहिए. इसके साथ ही विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, क्रियाशील शौचालय, खेल मैदान और खेल सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया.
डीएम ने कहा कि विद्यालय में बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण होना जरूरी है. इस व्यवस्था को बनाए रखने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पुस्तकालय और प्रयोगशाला का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय के पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं का भी जायजा लिया. उन्होंने प्रयोगशाला में उपलब्ध उपकरणों की जानकारी ली और निर्देश दिया कि छात्रों से इन उपकरणों का नियमित अभ्यास कराया जाए, ताकि पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित न रहे.
उन्होंने विद्यालय में आवश्यक उपकरणों की कमी को जल्द पूरा करने का भी निर्देश दिया. डीएम ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रयोगात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जाए.
खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने की सलाह
जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, नैतिक शिक्षा और अनुशासन को भी जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भाग लेना भी जरूरी है.
उन्होंने छात्रों को नियमित अध्ययन करने और अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने के लिए प्रेरित किया. इस दौरान डीएम ने बच्चों की बातों को ध्यान से सुना और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली.
अधिकारियों और शिक्षकों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण
औचक निरीक्षण के दौरान विशेष कार्य पदाधिकारी, गोपनीय शाखा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी समेत विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे. जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन को शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए.
