डीएम ने किया सदर अस्पताल का निरीक्षण
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने मॉडल सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में जलजमाव, साफ-सफाई की बदहाल स्थिति एवं अन्य कमियों को देखकर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए.
प्रतिनिधि,सीवान. जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने मॉडल सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में जलजमाव, साफ-सफाई की बदहाल स्थिति एवं अन्य कमियों को देखकर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से जायजा लिया.इस दौरान उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट, रेड क्रॉस भवन, पोस्टमार्टम हाउस, चिकित्सा गहन देखभाल इकाई, पीकू वार्ड, आपातकालीन विभाग, प्रसव कक्ष सहित अन्य विभागों का निरीक्षण किया. लंबे समय से बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को लेकर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की इमारत बन जाती है, लेकिन 10 लाख रुपये का ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़ा रहता है, यह स्वीकार्य नहीं है. इसे शीघ्र चालू कराया जाए.रेड क्रॉस भवन में दिव्यांगजनों के लिए आयोजित शिविर के दौरान बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद को तत्काल कुर्सियों एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. अस्पताल परिसर में जलजमाव को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल निकासी की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त की जाए.उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति जल निकासी में बाधा उत्पन्न करता है या विवाद खड़ा करता है तो उसके विरुद्ध तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.निरीक्षण के बाद सिविल सर्जन कार्यालय के सभा कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की गयी. बैठक में जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, राज्य स्तर से भव्या डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त जिलावार रैंकिंग में सुधार करने तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों को चिन्हित कर अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.उन्होंने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आशा चयन लक्ष्य के तहत जिले में लंबित 321 रिक्तियों को 31 जनवरी 2026 तक पूर्ण करने, संस्थागत प्रसव की उपलब्धि बढ़ाने तथा दवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया.बैठक में सिविल सर्जन डॉ श्रीनिवास प्रसाद , अधीक्षक डॉ अनिल कुमार सिंह, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ ओपी लाल, संचारी रोग पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक विशाल सिंह सहित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
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