Siwan News : सदर अस्पताल में एचआईवी और हेपेटाइटिस रिएक्टिव गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव को लेकर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. अगले छह माह में जिले की करीब आठ एचआईवी रिएक्टिव और 12 से अधिक हेपेटाइटिस रिएक्टिव गर्भवती महिलाओं का प्रसव होना है. इनमें अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताए जा रहे हैं. ऐसे में सरकारी अस्पताल में समुचित व्यवस्था नहीं होने पर निजी अस्पताल में प्रसव का खर्च इन परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है.
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं रिएक्टिव गर्भवतियां
बताया जाता है कि सभी रिएक्टिव गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य विभाग की जानकारी में हैं. एचआईवी रिएक्टिव महिलाओं को एआरटी की दवा भी दी जा रही है. गर्भावस्था के दौरान प्रसव पूर्व जांच में संक्रमण की स्थिति सामने आने के बाद संबंधित महिलाओं को चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाता है. इसके बावजूद प्रसव के समय आवश्यक चिकित्सा सुविधा को लेकर परिजनों में चिंता बनी हुई है.
रविवार की घटना के बाद बढ़ी परिजनों की चिंता
रविवार को एक एचआईवी रिएक्टिव गर्भवती महिला के परिजनों ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल में उसका सिजेरियन प्रसव कराने से इनकार कर दिया गया. इसके बाद परिजन परेशान हो गये. उनका कहना था कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराना उनके लिए आसान नहीं है. इस घटना के बाद जिले की अन्य रिएक्टिव गर्भवतियों के परिजनों की चिंता भी बढ़ गयी है.
परिजनों ने लगाया भेदभाव का आरोप
परिजनों का आरोप है कि रिएक्टिव गर्भवतियों के प्रसव के मामले में सदर अस्पताल में कथित तौर पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह संक्रमण नियंत्रण और सुरक्षित प्रसव की सरकारी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करेगा.
संक्रमण की स्थिति में भी सुरक्षित प्रसव जरूरी
एचआईवी या हेपेटाइटिस रिएक्टिव होने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव के दौरान विशेष चिकित्सकीय सावधानियों की जरूरत होती है. ऐसे में अस्पताल में प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम, संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर सिजेरियन की सुविधा उपलब्ध रहना महत्वपूर्ण है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सरकारी अस्पताल में सुरक्षित प्रसव की सुविधा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है.
स्वास्थ्य विभाग ने मांगी मामले की जानकारी
रविवार की घटना को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है. बताया जा रहा है कि सिविल सर्जन से पूरे मामले की जानकारी मांगी गयी है. अब विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती अगले छह माह में प्रसव वाली रिएक्टिव गर्भवतियों के लिए पहले से समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की है.
सभी रिएक्टिव गर्भवतियों की बनेगी लाइन लिस्ट
क्या कहते हैं संचारी रोग पदाधिकारी
संचारी रोग पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार ने कहा कि रिएक्टिव गर्भवती महिलाओं का प्रसव हर हाल में सदर अस्पताल में कराया जाना है. व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है. अगले छह माह में जिन रिएक्टिव गर्भवती महिलाओं का प्रसव होना है, उन पर संपूर्ण सुरक्षा केंद्र के कर्मियों की नजर है. प्रसव वाली महिलाओं की लाइन लिस्ट बनाकर सदर अस्पताल के अधीक्षक को उपलब्ध करायी जायेगी.
