25 लाख रंगदारी मांगने वाला अपराधी गिरफ्तार

शहर के आंदर ढाला रामनगर स्थित लक्ष्मी नर्सिंग होम के मैनेजर चंदन कुमार सिंह से 25 लाख की रंगदारी मांगने वाले अपराधी को पुलिस ने शनिवार की दोपहर गिरफ्तार कर लिया. जिस मोबाइल से रंगदारी मांगी गई थी उसे भी बरामद कर लिया गया.

सीवान. शहर के आंदर ढाला रामनगर स्थित लक्ष्मी नर्सिंग होम के मैनेजर चंदन कुमार सिंह से 25 लाख की रंगदारी मांगने वाले अपराधी को पुलिस ने शनिवार की दोपहर गिरफ्तार कर लिया. जिस मोबाइल से रंगदारी मांगी गई थी उसे भी बरामद कर लिया गया. पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) सुशील कुमार ने नगर थाना में प्रेस वार्ता कर बताया कि 22 अप्रैल की दोपहर लक्ष्मी नर्सिंग होम के मैनेजर चंदन कुमार सिंह से उनके मोबाइल पर अपराधी ने वाट्सएप कॉल कर 25 लख रुपए की रंगदारी मांगी थी. वहीं नहीं देने पर जान से मारने की भी धमकी दिया था. इसके बाद उसी दिन उसी मोबाइल नंबर से आंदर थाना क्षेत्र के मद्धेशिलापुर मुखिया सुभाष चंद्र यादव से भी रंगदारी मांगी गई. जिसके बाद आंदर और नगर थाना में अलग-अलग प्राथमिक की दर्ज की गई. पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और छापेमारी की जा रही थी. छापामारी के दौरान शनिवार की दोपहर मद्धेशिलापुर गांव निवासी रंगदारी मांगने वाला अपराधी धर्मेंद्र कुमार यादव को उसे घर से गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि रंगदारी उसी ने मांगी थी. टीम में पुलिस उपाधीक्षक साईबर, नगर इंस्पेक्टर, आंदर थानाध्यक्ष, एसआईटी और एसओजी -7 एसटीएफ पटना शामिल थी. गिट्टी में छुपा कर रखा था मोबाइल बताया जाता है कि जब पुलिस ने धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया और मोबाइल के संबंध में पूछताछ करने लगी तो उसने बताया कि मोबाइल फेंक दिया है. जांच के दौरान एक ब्लूटूथ पाया गया. इसके बाद मोबाइल की तलाश में पुलिस जुट गई और छत की ढलाई करने वालेे गिट्टी के अंदर छुपा कर रखा गया मोबाइल बरामद कर लिया. व्हाट्सएप के जरिए मांगता था रंगदारी धर्मेंद्र जब भी किसी से रंगदारी मांगता था तो वह व्हाट्सएप के जरिए मांगता था. मुखिया सुभाष चंद्र यादव से भी उसने व्हाट्सएप के जरिए रंगदारी मांगी थी और नर्सिंग होम के मैनेजर चंदन कुमार सिंह से भी व्हाट्सएप के जरिए 25 लाख लाख की रंगदारी मांगी थी. अनुसंधान के क्रम में पाया कि जिस व्हाट्सएप से रंगदारी मांगी जा रही थी, वह व्हाट्सएप किसी और के नाम पर चल रहा था. चौथे दिन पुलिस के हाथ चढ़ा धर्मेंद्र पुलिस की माने तो मोबाइल से डाटा निकालने के बाद जब भी पुलिस उस क्षेत्र में छापेमारी करने जा रही थी तो धर्मेंद्र मौके से फरार हो जा रहा था. जहां तीन दिन तक धर्मेंद्र पुलिस को चकमा देते रहा और शनिवार की दोपहर अचानक पुलिस पहुंची. जहां धर्मेंद्र को उसे घर से ही गिरफ्तार कर ली.

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Author: DEEPAK MISHRA

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