प्रतिनिधि, सीवान. सीवान मालगोदाम साइडिंग से चोरी हुए 60 बोरी प्रिज्म सीमेंट के मामले में रेलवे सुरक्षा बल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से चोरी की पूरी खेप तथा घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर भी बरामद कर लिया गया. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी मंडल के आरपीएफ कमांडेंट ने सीवान आरपीएफ पोस्ट में तैनात दो उपनिरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल एवं एक कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. जानकारी के अनुसार, 08-09 मई की रात करीब 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच मालगोदाम साइडिंग से कुल 60 बोरी प्रिज्म सीमेंट चोरी कर ली गयी थी. इस संबंध में 12 मई को रियान वेंचर्स प्रा. लि. सीवान के प्रतिनिधि नवल किशोर शर्मा द्वारा रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. बताया गया कि प्रिज्म कंपनी का सीमेंट रैक आरआर नंबर 242004381 एवं 242004382 के माध्यम से मालगोदाम लाइन संख्या-03 पर पहुंचा था. कर्मचारियों द्वारा सभी वैगनों की सील जांचने के बाद सीमेंट की अनलोडिंग कर साइडिंग पर डंप किया गया था. बाद में ट्रकों से कंपनी गोदाम भेजने के दौरान मिलान में 60 बोरी सीमेंट कम पाया गया. चोरी गये सीमेंट की कीमत लगभग 20 हजार 400 रुपये बतायी गयी है.
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की जांच उप निरीक्षक जयेंद्र कुमार मिश्र द्वारा की जा रही थी. इसी क्रम में गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर आरपीएफ ने मालगोदाम के पूर्वी छोर के उत्तर मेन रोड के पास छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान चोरी की 60 बोरी प्रिज्म सीमेंट लदे ट्रैक्टर संख्या बीआर -29-जीबी-1549 को जब्त कर लिया गया. मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सोनू कुमार, निवासी मालचक थाना बेलछी जिला पटना तथा संजय गोंड, निवासी सिसवन ढाला टावर के पास वार्ड-39 थाना नगर, जिला सीवान के रूप में हुई है.
रेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
सूत्रों के अनुसार, मालगोदाम सुरक्षा में गंभीर चूक और ड्यूटी में लापरवाही को लेकर वाराणसी मंडल के आरपीएफ कमांडेंट ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरपीएफ पोस्ट के दो उपनिरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. इस कार्रवाई के बाद रेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. आरपीएफ ने दोनों आरोपितों के खिलाफ रेलवे संपत्ति अधिनियम की धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि पूरे मामले की विभागीय जांच भी तेज कर दी गई है.