BPSC 70th Result: मैरवा नगर के बिचली बाजार निवासी सतेंद्र प्रसाद के पुत्र सत्यम जायसवाल ने बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 20वां रैंक हासिल कर एसडीएम के पद पर चयनित होकर पूरे जिले का नाम रोशन किया है. सत्यम की इस बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे नगर में हर्ष का माहौल बना हुआ है.
मैरवा स्टेशन पर हुआ भव्य स्वागत
सोमवार को सत्यम जब अपने गृह नगर मैरवा पहुंचे, तो मैरवा स्टेशन पर उनका बेहद भव्य स्वागत किया गया. जैसे ही उनकी ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर दो पर आकर रुकी, वहां पहले से मौजूद सैकड़ों लोगों ने फूल-मालाओं और गगनभेदी नारों से उन्हें सराबोर कर दिया. ढोल-नगाड़ों की थाप और समर्थकों के भारी उत्साह से पूरा स्टेशन परिसर लंबे समय तक गूंजता रहा. इस दौरान नगर के प्रमुख व्यवसायी, समाजसेवी और प्रबुद्ध जनों ने सत्यम को गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी.
मेहनत कभी बेकार नहीं जाती: सत्यम
इस अभूतपूर्व सफलता पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए नवनियुक्त एसडीएम सत्यम जायसवाल ने कहा कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती. उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा के बारे में बताया कि यह उनकी दूसरी कोशिश थी, जिसमें उन्हें यह गौरवपूर्ण सफलता हासिल हुई है. सत्यम ने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और अपने बहनोई के कुशल मार्गदर्शन को दिया है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि इस पद तक पहुँचने का सफर मेरे लिए केवल एक परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि खुद को साबित करने की एक लंबी और कठिन प्रक्रिया रही है.
BPSC Success Story: असफलता से न डरने की दी सलाह
सत्यम जायसवाल ने आगे कहा कि मैं अपने क्षेत्र के युवाओं और उन सभी छात्र-छात्राओं से बस इतना कहना चाहता हूँ कि असफलता से कभी डरें नहीं, बल्कि उसे अपनी तैयारी का एक अनिवार्य हिस्सा मानें. अगर आपका लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट है और आप पूरी ईमानदारी से मेहनत करने को तैयार हैं, तो सफलता निश्चित रूप से एक दिन आपको मिलेगी. उन्होंने अपनी भविष्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि मेरा मुख्य लक्ष्य अब पूरी निष्ठा से जनसेवा करना है और मैं इस गरिमामयी पद के अनुरूप अपने क्षेत्र और राज्य की प्रगति के लिए हमेशा तत्पर रहूँगा.
घर पर दिखा उत्सव और गर्व का माहौल
स्टेशन से भव्य जुलूस के साथ घर पहुंचने पर परिजनों और शुभचिंतकों की भारी भीड़ जुट गई. मां अनिता देवी ने भावुक होकर अपने लाडले की आरती उतारी और मिठाई खिलाकर स्वागत किया. इस गौरवपूर्ण क्षण का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे और सत्यम के साथ सेल्फी लेते नजर आए. नगर के लोगों ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पहला मौका है जब बाजार के किसी सामान्य व्यवसायी के पुत्र ने एसडीएम जैसे प्रतिष्ठित पद पर सफलता हासिल की है. सत्यम की इस कामयाबी से पूरा बाजार गौरवान्वित है और वे स्थानीय युवा पीढ़ी के लिए एक बड़े रोल मॉडल और प्रेरणा बन गए हैं.
