BPSC 70th Result: सीवान जिले के बड़हरिया प्रखंड की सदरपुर पंचायत के पहाड़पुर गांव के शिक्षक मुन्ना कुमार राम व माता उषा देवी के पुत्र अनुपम प्रकाश बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं अंतिम परीक्षा पास कर सप्लाई इंस्पेक्टर बने हैं. अनुपम प्रकाश की इस शानदार सफलता की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव और पूरे प्रखंड क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई. पूर्व शिक्षक शिवजी राम के पौत्र अनुपम प्रकाश के सप्लाई इंस्पेक्टर बनने पर गांव और परिवार में जश्न का माहौल बना हुआ है. बधाई देने के लिए उनके घर पर शुभचिंतकों और स्थानीय ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है.
एक ही घर में डीएसपी के बाद अब सप्लाई इंस्पेक्टर
विदित हो कि अनुपम प्रकाश का परिवार मेधावियों का घर रहा है. उनके छोटे भाई अभिषेक कुमार ने इससे पहले बीपीएससी की 69वीं परीक्षा में अपना परचम लहराया था और वर्तमान में डीएसपी के पद पर चयनित होकर अपनी सेवा दे रहे हैं. अब बड़े भाई अनुपम प्रकाश ने भी सिविल सर्विसेज में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए सप्लाई इंस्पेक्टर का पद हासिल कर लिया है. एक ही साधारण परिवार से दो सगे भाइयों का प्रशासनिक सेवा में जाना क्षेत्र के अन्य छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी मिसाल और प्रेरणा बन गया है.
बधाई देने वालों का लगा तांता
अनुपम प्रकाश की इस ऐतिहासिक सफलता पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है. बधाई देने वालों में मुख्य रूप से रवींद्र पांडेय, महेश प्रभात, जमादार मांझी, ओमप्रकाश पांडेय, मुखिया रविशंकर यादव पप्पू, सरपंच अरविंद श्रीवास्तव, पूर्व मुखिया सीताराम पासवान, अशोक मिश्र, शिवजी मांझी, ओमप्रकाश मांझी, आदर्श पांडेय, बृझन मांझी, अवधेश कुमार और मोहम्मद फारुक आदि शामिल हैं. इन सभी प्रबुद्ध जनों ने अनुपम के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे आगे चलकर समाज के दबे-कुचले वर्गों की सेवा पूरी निष्ठा से करेंगे.
सफलता का श्रेय अपनों के मार्गदर्शन को
अपनी इस शानदार सफलता पर बेहद खुशी जाहिर करते हुए नवनियुक्त सप्लाई इंस्पेक्टर अनुपम प्रकाश ने इसका पूरा श्रेय अपने माता-पिता, दादा, पूरे परिवार के सहयोग और अपने शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन को दिया है. उन्होंने कहा कि परिवार में शुरू से ही पढ़ाई का माहौल रहा है, जिसने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने क्षेत्र के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि इरादे मजबूत हों और सही दिशा में निरंतर कड़ा परिश्रम किया जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद किसी भी कठिन परीक्षा में सफलता पाई जा सकती है.
Also Read: स्टेशन मास्टर का बेटा बना प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, सीवान के लाल ने बताया कैसे की BPSC की तैयारी
