Bihar Police Constable Exam (मनीष गिरि व अरविंद सिंह की रिपोर्ट)
बिहार के सभी जिलों में बुधवार को सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया है. इसी बीच सीवान में उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब परीक्षार्थियों ने एक परीक्षा केंद्र पर कदाचार कराने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. अभ्यर्थियों का दावा है कि केंद्र पर तैनात बायोमेट्रिक कर्मी ने कुछ परीक्षार्थियों को उत्तर लिखी पर्चियां उपलब्ध कराईं. आरोपों के बाद केंद्र के बाहर हंगामा हुआ और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा.
दोनों पालियों में 696-696 परीक्षार्थियों को किया गया था आवंटित
केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की ओर से आयोजित परीक्षा के तहत मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही के पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी. सीवान के संघमित्रा पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर प्रथम और द्वितीय पाली में 696-696 अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए आवंटित किया गया था.
गया के परीक्षार्थी ने लगाया गंभीर आरोप
प्रथम पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद गया जिले के अभ्यर्थी श्याम कुमार ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र के कक्ष संख्या-106 में बायोमेट्रिक प्रक्रिया के दौरान एक कर्मी द्वारा कुछ परीक्षार्थियों को उत्तर लिखी पर्चियां दी गईं. उनका कहना था कि परीक्षा समाप्त होने से करीब 15 मिनट पहले यह गतिविधि हुई, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए.
शिकायत के बाद भड़के परीक्षार्थी
श्याम कुमार ने बताया कि जब उन्होंने इस मामले की जानकारी अन्य अभ्यर्थियों को दी तो बड़ी संख्या में परीक्षार्थी केंद्र के मुख्य द्वार पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद केंद्राधीक्षक ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और लिखित शिकायत स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया.
डायल 112 और प्रशासनिक अधिकारियों को देनी पड़ी दखल
परीक्षार्थियों के हंगामे की सूचना मिलते ही सबसे पहले डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची. इसके बाद सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह और सदर एसडीएम आशुतोष कुमार गुप्ता ने परीक्षा केंद्र पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया. अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद ही दूसरी पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो सकी.
सीसीटीवी जांच की उठी मांग
विरोध कर रहे अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की. उनका आरोप था कि केंद्र पर एक संगठित रैकेट सक्रिय है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. परीक्षार्थियों का कहना था कि यदि सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है.
सवालों से बचते दिखे अधिकारी
घटना के बाद मीडिया ने जब सदर एसडीपीओ और एसडीएम से मामले को लेकर जानकारी लेनी चाही तो दोनों अधिकारियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और केंद्र से निकल गए. वहीं, आरोप लगाने वाले अभ्यर्थी श्याम कुमार को पुलिस अपने साथ लेकर चली गई. फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है.
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