सीवान: बिहार बंद आंदोलन के दौरान पथराव और पुलिस पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजे गये 17 लोगों की दूसरे दिन बुधवार को भी रिहाई नहीं हो सकी. रिहाई की उम्मीद में परिजन दिनभर न्यायालय की कार्रवाई पर नजरें टिकाये रहे, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण सभी बंदी मंडल कारा में ही रहे.
25 जुलाई को हुआ था बिहार बंद
मालूम हो कि 25 जुलाई को विभिन्न संगठनों के संयुक्त आह्वान पर बिहार बंद का आयोजन किया गया था. इस दौरान सीवान के गांधी मैदान परिसर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था. प्रदर्शन के दौरान अचानक कुछ उपद्रवियों द्वारा पथराव किये जाने के बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया. इसके बाद शहर के जेपी चौक, अस्पताल मोड़ समेत कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.
पुलिस फायरिंग में तीन युवक हुए थे घायल
बताया जाता है कि आंदोलन के दौरान हुई पुलिस फायरिंग में तीन युवक घायल हो गये थे. इनमें दो युवकों का इलाज पटना स्थित मेदांता अस्पताल में चल रहा है, जबकि एक युवक स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुका है.
पथराव और पुलिस पर हमले को लेकर प्राथमिकी
आंदोलन के दौरान पथराव और पुलिस पर हमला करने के आरोप में विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 17 लोगों को गिरफ्तार किया था. इसके बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था. बुधवार को भी उनकी रिहाई नहीं हो सकी, जिसके कारण परिजन न्यायालय के आदेश का इंतजार करते रहे.
गुरुवार को रिहाई की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद
लोक अभियोजक प्रवीण कुमार गोप ने बताया कि मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) को आवश्यक पत्र प्राप्त हो गया है. गुरुवार को न्यायालय से आदेश मिलने के बाद जेल में बंद सभी लोगों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है. न्यायालय के आदेश के बाद ही बंदियों को जेल से बाहर लाने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी.
