Siwan News : थाना क्षेत्र के कौड़िया लीलही गांव निवासी विनोद महतो के पुत्र करण महतो का शव शनिवार दोपहर एम्बुलेंस से पैतृक गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया. घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मृतक के घर पहुंच गए. शव एम्बुलेंस से उतरते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
हत्या की आशंका पर साथ आए लोगों को बनाया बंधक
शव के साथ आए मृतक के मौसा गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र के डुमरा सेंटर निवासी बॉलिंद्र महतो, दोस्त सारण जिले के डेरनी सुतिआर निवासी विकास कुमार तथा अवतार नगर थाना क्षेत्र के प्रताप नगर निवासी ब्रिटिश कुमार पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई. आक्रोशित लोगों ने तीनों को बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की, जिससे वे घायल हो गए.
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कराया मामला शांत
घटना की सूचना मिलने पर भगवानपुर हाट थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह के निर्देश पर एएसआई बीरेंद्र कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए लोगों को शांत कराया और मामला संभाला.
हरिद्वार की निजी कंपनी में करता था काम
मृतक के मौसा बॉलिंद्र महतो ने बताया कि करण महतो उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र स्थित रायपुर चौक के पास एक निजी कंपनी में एसी तकनीशियन के रूप में कार्यरत था. गुरुवार को उसका मोबाइल बंद मिलने पर सहकर्मियों ने उसकी तलाश शुरू की. इस दौरान वह कार्यस्थल पर नीचे गिरा हुआ मिला. उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव
घटना की सूचना पर उत्तराखंड पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. कंपनी की ओर से शव को गांव तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई. साथ ही अंतिम संस्कार के लिए मुआवजे के रूप में 50 हजार रुपये की सहायता राशि भी परिजनों को दी गई.
मौत के कारणों की जांच जारी
फिलहाल करण महतो की मौत के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं हुआ है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.
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