सीवान जिले के गुठनी प्रखंड की बलुआ पंचायत स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बलुआ (हिंदी) के छात्र-छात्राएं इन दिनों खराब रास्ते की समस्या से जूझ रहे हैं. विद्यालय तक पहुंचने के लिए बच्चों और शिक्षकों को करीब आधा किलोमीटर लंबी पगडंडी से होकर गुजरना पड़ता है. लगातार बारिश के कारण यह रास्ता कीचड़ और जलजमाव से भर गया है, जिससे बच्चों को काफी परेशानी हो रही है.
फिसलन भरे रास्ते से बढ़ा हादसे का खतरा
. विद्यालय में 47 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं और उनके पठन-पाठन के लिए पांच शिक्षक कार्यरत हैं. खराब रास्ते के कारण बच्चों को रोजाना जोखिम उठाकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है. पगडंडी पर पानी जमा होने और फिसलन के कारण कई बच्चे गिर चुके हैं. इससे उनके स्कूल बैग, कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म भी खराब हो रहे हैं. कई अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.
सांप-बिच्छू के खतरे से सहमे बच्चे और शिक्षक
. विद्यालय चारों तरफ खेतों से घिरा हुआ है. बरसात के मौसम में रास्ते और विद्यालय परिसर में सांप-बिच्छू निकलने का खतरा भी बना रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही समस्या उत्पन्न होती है, लेकिन अब तक विद्यालय तक जाने के लिए पक्की सड़क की व्यवस्था नहीं हो सकी है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से पक्की सड़क बनाने की मांग की
. ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से विद्यालय तक पक्की सड़क निर्माण और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है. उनका कहना है कि खराब रास्ते के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं.
प्रधानाचार्य ने जल्द समाधान का दिया भरोसा
. विद्यालय के प्रधानाचार्य नफीस अहमद ने बताया कि बच्चों की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत की गई है. उन्होंने कहा कि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित तरीके से विद्यालय आने-जाने की सुविधा मिल सके.
