महाराजगंज अनुमंडल मुख्यालय में बुधवार को हजरत इमाम हुसैन व उनके परिजनों की करबला में शहादत के चालीसवें दिन चेहल्लुम के अवसर पर उनकी याद में ताजिये व अखाड़े निकाले गए. कड़ी सुरक्षा के बीच निकाले गए अखाड़े में युवाओं की टोली ने हैरतअंगेज करतब दिखाए.
अनुमंडल मुख्यालय में चेहल्लुम के अखाड़ा निर्धारित समय व रुट के अनुसार निकाले गए. इस दौरान ढोल-नगाड़े से वातावरण गूंजायमान हो गया. शहर के पुरानी बाजार, मोहन बाजार, काजी बाजार, पसनौली सागर, पसनौली गगन से अखाड़े निकाले गए. वहीं बहुत से अखाड़ों में आकर्षक झांकियां व प्रदर्शनी निकाली गई. जहां ढोल-बाजों से वातावरण गूंज उठा. इस दौरान युवाओं ने परंपरागत लाठी-डंडे से करतब दिखा लोगों का खूब मनोरंजन किया.
अखाड़ा शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए एसडीओ अनीता कुमारी, एसडीपीओ अमन, सीओ जितेंद्र पासवान, थानाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी मुस्तैद दिखे. वही विभिन्न चौक चौराहों पर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात थे. इस मौके पर ई. रफिक अहमद, मो. मुस्लिम, शमशाद खां, खालीद हुसैन, गौहर अली, रोशन अली, शक्ति शरण प्रसाद, पवन कुमार, सुमन कुमार सेनानी, हरिशंकर आशीष, जुल्फिकार अहमद, रिजवान अहमद आदि शामिल थे.
प्रशासन रहा मुस्तैद
शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन सतर्क रहा. हर चौक-चौराहों व जुलूस के साथ प्रशासन गश्त करता रहा. किसी को कोई परेशानी न हो इसका ख्याल प्रशासन व बुद्धिजीवियों द्वारा रखा गया था. ताजिया जुलूस के दौरान जगह-जगह मेले लगे रहे जहां लाई, बताशा, जलेबी समेत अन्य खिलौने की दुकाने थे जहां लोगों ने खूब खरीदारी की.
कहीं दिखा ताजमहल तो कहीं मिसाइल से बढ़ी शान
चेहल्लुम को लेकर निकले भव्य जुलूस में कहीं ताजमहल दिखा तो कहीं मिसाइल ने शान बढ़ाई. महाराजगंज अनुमडंल मुख्यालय के विभिन्न मोहल्ले से निकाली गई ताजिया के साथ निकले तमाम जुलूस शहर के आरबीजीआर काँलेज मे पहुंची. जहां लोगों के बीच आकर्षण के केंद्र में रहा.
शहर के मोहन बाजार स्थित वार्ड संख्या 5-6 के लोगों ने अपने ताजिया को बेहतर रूप में प्रस्तुत किया. इसी प्रकार पुरानी बाजार, काजी बाजार सहित कई जगहों से निकले ताजिया भी आकर्षण के केंद्र में रहे. मेला में आये मोहन बाजार के ताजिया को कुतुब मीनार का रूप दिया गया था. मेले में हर इलाके का ताजिया अपनी अलग-अलग छटा बिखेर कर लोगों को आकर्षित करते रहे. शहर में निकले ताजिया के आकर्षक स्वरूप की हर किसी ने सराहना की. मेले के दौरान पूरे दिन हरेक चौक चौराहे व ग्रामीण इलाकों के बाजार मेले में तब्दील रहे. इस दौरान पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पूरे दिन सतर्क रहे.
चेहल्लुम जुलूस के दौरान हिन्दुओं ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया. शांति व्यवस्था बनाए रखने, ताजिया को स्थानीय चौक से करबला तक ले जाने तथा गतका का प्रदर्शन करने में हिन्दुओं ने भी कई जगह अपना जौहर दिखाए. इसलिए यह हिन्दु-मुस्लिम एकता के प्रतीक का प्रदर्शन भी रहा.
