चावल आपूर्ति में लापरवाह पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई

सारण प्रमंडल के संयुक्त निबंधक सहकारिता सैयद मसरूक आलम ने बुधवार को ऑनलाइन केजिले में कस्टम मिल्ड राइस आपूर्ति और भारतीय बीज सहकारी संघ लिमिटेड की सदस्यता की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान कई गंभीर खामियां उजागर हुईं.जिसके बाद संयुक्त निबंधक ने संबंधित अधिकारियों और चावल मिल संचालकों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिये.

प्रतिनिधि, सीवान. सारण प्रमंडल के संयुक्त निबंधक सहकारिता सैयद मसरूक आलम ने बुधवार को ऑनलाइन केजिले में कस्टम मिल्ड राइस आपूर्ति और भारतीय बीज सहकारी संघ लिमिटेड की सदस्यता की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान कई गंभीर खामियां उजागर हुईं.जिसके बाद संयुक्त निबंधक ने संबंधित अधिकारियों और चावल मिल संचालकों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिये. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अप्रैल और मई में स्थानीय स्तर पर सीएमआर आपूर्ति को लेकर अनुश्रवण और पर्यवेक्षण की घोर कमी रही है. जिसके कारण निर्धारित अवधि तक बिहार राज्य खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति नहीं हो सकी. उन्होंने निर्देश दिया कि 15 जून के बाद फिर से समीक्षा की जायेगी और जिन तीन प्रखंडों का प्रदर्शन सबसे खराब रहेगा. उनके प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई का प्रस्ताव विभाग को भेजा जायेगा. बैठक में यह भी सामने आया कि जिले के कुल 289 पैक्स में से मात्र 129 पैक्स ने ही भारतीय बीज सहकारी संघ लिमिटेड की सदस्यता ली है. उन्होंने कहा कि सभी पैक्स को हर हाल में 1500 के ड्राफ्ट के माध्यम से सदस्यता लेनी होगी, क्योंकि यह एक मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी है और इसके सदस्य बनने पर पैक्स को लाभांश सहित अन्य लाभ मिलेंगे. सीएमआर आपूर्ति की समीक्षा के दौरान संयुक्त निबंधक ने गोरेयाकोठी (50 लॉट), दरौली (46), भगवानपुर हाट (39), आंदर (30), हसनपुरा (25), बड़हरिया (25) और दरौंदा (25) प्रखंडों की स्थिति को अत्यंत दयनीय बताया. उन्होंने चेतावनी दी कि इन क्षेत्रों में यदि 15 जून तक सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जायेगी. बैठक में बीसीईओ ने जानकारी दी कि दो राइस मिलर द्वारा एसटीआर समय पर कटने के बावजूद सीएमआर की आपूर्ति नहीं की जा रही है. दोनों मिल संचालकों ने धान मिलिंग में कोई रुचि नहीं दिखाई. जिससे जिले का समग्र सीएमआर आपूर्ति प्रतिशत प्रभावित हुआ है. संयुक्त निबंधक ने इस पर नाराजगी जताते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरव कुमार और बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक आसिफ इकबाल को आदेश दिया कि वे इन मिलों का स्थल निरीक्षण करें और वस्तु स्थिति की पूरी रिपोर्ट तैयार कराएं. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिला टास्क फोर्स के माध्यम से कार्रवाई हेतु प्रस्ताव तैयार कर तत्काल उपलब्ध कराया जाए ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.

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Author: DEEPAK MISHRA

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