किसान भवन बनकर तैयार, मिट्टी जांच के लिए प्रयोगशाला खुले

सीवान : वर्ष 2019 में जिले में कृषि और परिवहन क्षेत्र के नाम कई उपलब्धियां रहीं. कुछ यादगार भी हैं, जिसे याद रखा जायेगा. किसानों के लिए शुरू हुआ इनपुट अनुदान से किसानों के हौसले बढ़े. उनमें जागरूकता आयी और इनपुट अनुदान मिलने से किसानों में खेती के प्रति उत्साह जागृत हुआ. परिवहन के क्षेत्र […]

सीवान : वर्ष 2019 में जिले में कृषि और परिवहन क्षेत्र के नाम कई उपलब्धियां रहीं. कुछ यादगार भी हैं, जिसे याद रखा जायेगा. किसानों के लिए शुरू हुआ इनपुट अनुदान से किसानों के हौसले बढ़े. उनमें जागरूकता आयी और इनपुट अनुदान मिलने से किसानों में खेती के प्रति उत्साह जागृत हुआ. परिवहन के क्षेत्र में भी कई उपलब्धियां रहीं जिले के 319 ग्रामीण बेरोजगारों को मुख्यमंत्री परिवहन योजना के तहत नयी गाड़ियों की चाबी सौंपी गयी जो उन्हें पलायन से रोका.

इसके साथ ही नये परिवहन अधिनियम के लागू होने से वाहन चालकों में अनुशासन विकसित हुए. लाइसेंसधारियों की संख्या में 102 फीसदी की वृद्धि हुई. पहले जहां 50 आदमी रोजाना लाइसेंस के लिए आवेदन करता था वहीं इस एक्ट के लागू होने के बाद इसकी संख्या 300-350 तक पहुंच गयी. चेकिंग और जागरुकता अभियानों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में 12 फीसदी की कमी आयी है.
इसके साथ ही 2019 में परिवहन विभाग को कमर्शल माल वाहक और 13 सीटर सवारी वाहनों के परमिट जारी करने के लिए अलग से काउंटर खुल गया है. जिले में सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाने में अपनी सेवा देने के लिए समाजसेवी श्रीनिवास यादव को परिवहन विभाग के मंत्री और प्रधान सचिव द्वारा पुरस्कृत किया गया है.
बहुद्देश्यीय कृषक ने बढ़ायी किसानों की आय
वर्ष 2019 में कृषि क्षेत्र में अशातीत प्रगति हुई है. रबी और खरीफ फसलों का उत्पादन पिछले साल की तुलना बढ़ा है. किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से किसानों को पशुपालन, मत्स्यपालन और बागवानी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
जिले में दो लाख 93 हजार 103 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है, जबकि कुछ आवेदनों की जांच चल रही है जिसके पूरा होने के बाद जिले में सम्मान निधि पाने वाले किसानों की संख्या तीन लाख से ज्यादा हो जायेगी. जिले में 7280 क्विंटल बीज का वितरण किया गया जिसमें 79 क्विंटल बीज दलहनी और तिलहनी फसलों के भी थे.
14 किसान भवन बनकर तैयार
संस्थागत विकास के क्षेत्र में जिले के 19 में इ किसान भवन बनाए जा रहे हैं जिसमें से 14 भवन बनकर तैयार हो चुके हैं और इसमें कई भवनों में मिट्टी जांच से लेकर बीज उपचारण तक के कार्य प्रारंभ हो चुका है. बाकी बचे पांच किसान भवन भी जल्द ही बनकर तैयार हो जायेंगे. कृषि विभाग के तहत कार्यरत माप-तौल विभाग को अपना नया भवन बनकर तैयार हो चुका है नये साल में वहां कार्य प्रारंभ हो जायेगा.
ग्रामीण बेरोजगारों को मिली रोजगार की चाबी
जिले में परिवहन विभाग ने बीते वर्ष के दौरान मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना के तहत 319 बेरोजगारों को ऑटो और मैजिक वाहनों का ऋण प्रदान करके उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया है. इस कार्य में अभी 530 से ज्यादा आवेदन अभी भी पड़े हैं जिसकी जांच चल रही है और अगले माह उन्हें नयी गाड़ी की चाबी सौंपी जा सकती है.
नियमित जांच अभियान के तहत परिवहन विभाग द्वारा चलाये गये अभियानों का असर सड़क पर दिखा जब दोपहिया चालकों की मनमानी पर रोक लगी. क्षमता से ज्यादा सवारियां ढोने वाले वाहनों पर अंकुश लगा है. कुछ कानून के भय से तो कुछ जान जाने की डर से अब हेलमेट लगाकार चल रहे हैं.
सात दिन में मिलने लगे लर्निंग लाइसेंस
नये मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिये लगी लंबी कतारें मील का पत्थर बनी. एक माह पहले जिला में महज 15 फीसदी बाइक चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस हुआ करते थे. नये कानून के भय और परिवहन विभाग की पारदर्शी नीति से लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या चार-पांच गुनी हो गयी.
विभाग सात दिनों में लर्निंग लाइसेंस देना शुरू कर दिया. वर्तमान में 89 फीसदी बाइक और चारपहिया चालकों के पास कम से कम लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस है. परिवहन विभाग ने मोबाइल पर परमानेंट लाइसेंस बनवाने की सूचना दी जा रही है और आवेदन करने वाले का जाचोंपरांत लाइसेंस डाक से घर पर भी भेजा रहा है. 2019 परिवहन के क्षेत्र में लाइसेंस से लेकर चलने वालों की बढ़ी तादाद के रूप में जाना जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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