सीवान : एक तरफ सरकार प्राथमिक स्तर के छात्रों को पौष्टिक भोजन के लिए स्कूलों में एमडीएम की व्यवस्था कर रखा है, वहीं दूसरी ओर विभागीय लापरवाही के कारण कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा है. प्रत्येक माह होने वाले बेस्ट मोबाइल एप की जांच में भी ये मामले लगातार निकलकर सामने आ रहा है. मंगलवार को शहर के वार्ड एक स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय श्रीनगर में भी ऐसा मामला देखने को मिला.
चावल के अभाव में स्कूलों में नहीं बन रहा एमडीएम
सीवान : एक तरफ सरकार प्राथमिक स्तर के छात्रों को पौष्टिक भोजन के लिए स्कूलों में एमडीएम की व्यवस्था कर रखा है, वहीं दूसरी ओर विभागीय लापरवाही के कारण कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा है. प्रत्येक माह होने वाले बेस्ट मोबाइल एप की जांच में भी ये मामले लगातार निकलकर सामने आ […]

जहां 10 दिसंबर से ही चावल के अभाव में एमडीएम बंद है. इसको लेकर बच्चों की उपस्थिति पर भी असर सुनने को मिला. शिक्षकों ने बताया कि बढ़ने वाले अधिकतर बच्चे गरीब तबका से आते है, ऐसे में उन्हें पौष्टिक भोजन की ज्यादा जरूरत है. गौर करने वाली बात है कि यह स्कूल शहर में स्थित है.
स्कूल के शिक्षक संजय सिन्हा ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि एमडीएम विभाग की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. वहीं एचएम सरोजनी कुमारी ने बताया कि प्रोपर-वे से चावल खत्म होने की सूचना पत्र के माध्यम से एमडीएम प्रभारी को पहले ही दिया जा चुका है. परंतु एक सप्ताह बाद भी चावल उपलब्ध नहीं होने से एमडीएम बंद है.
इधर इस संबंध में जब डीपीओ एमडीएम दिलीप कुमार सिंह से संपर्क किया गया तो पहले उन्होंने एमडीएम नहीं बनने की बात को सिरे से खारिज कर दिया. परंतु जब बाद में प्रभात खबर के संवाददाता ने उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराया तो डीपीओ ने एमडीएम प्रभारी पर नाराजगी जताते हुए, उनसे पूछताछ करने की बात कही.