लाखों खर्च के बाद भी अंधेरे में डूबा है शहर

सीवान : शहर में रात में रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइटें लगायी गयी हैं, वहीं अब लोगों को चिढ़ा रही है. हालात यह कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर अंधेरे में डूबा है. इसका असर सुरक्षा पर भी पड़ रहा है. रात में अंधेरे का फायदा उठाकर चोर राहगीरों को अपना शिकार […]

सीवान : शहर में रात में रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइटें लगायी गयी हैं, वहीं अब लोगों को चिढ़ा रही है. हालात यह कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर अंधेरे में डूबा है.

इसका असर सुरक्षा पर भी पड़ रहा है. रात में अंधेरे का फायदा उठाकर चोर राहगीरों को अपना शिकार बना रहे हैं. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गंडक कॉलोनी में लाइट लगने के कुछ दिन बाद ही बंद हो गयी.
वहां पर विभाग के सभी पदाधिकारी और कर्मचारी परेशान हैं. उन लोगों ने इसकी शिकायत कई बार की है. बावजूद लाइट अभी तक नहीं बना. उनका कहना है कि अंधेरा होते ही कॉलोनी में डर लगता है. जिस कारण शाम के बाद अंधेरे में घर से बाहर कोई नहीं जाता है.
शहर के बाहर होने के कारण कॉलोनी के अंदर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है. शहर के सिर्फ गंडक कॉलोनी की नहीं बल्कि अन्य मोहल्लों की भी है, जहां स्ट्रीट लाइट लगने के कुछ ही दिन बाद खराब हो गये है. इस मामले में नप के कार्यपालक पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्ट्रीट लाइटिंग के लिए अलग से ईईएसएल एजेंसी के माध्यम से लगाया जा रहा हैं. उन्होंने बताया कि इसके मेंटेनेंस का जिम्मा उसी कंपनी को है.

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