आफत की बारिश से त्राहिमाम, हर तरफ बाढ़-सा नजारा

सीवान : जिले में एक सप्ताह से हो रही आफत की बारिश से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोग त्राहिमाम कर रहे है. सोमवार को जिले का 51.50 औसत बारिश रिकॉर्ड की गयी है. इसमें एक हजार 30 मिली मीटर बारिश हुई है. बारिश से पूरा शहर व ग्रामीण क्षेत्र जलमग्न हो गया है. कई […]

सीवान : जिले में एक सप्ताह से हो रही आफत की बारिश से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोग त्राहिमाम कर रहे है. सोमवार को जिले का 51.50 औसत बारिश रिकॉर्ड की गयी है. इसमें एक हजार 30 मिली मीटर बारिश हुई है. बारिश से पूरा शहर व ग्रामीण क्षेत्र जलमग्न हो गया है. कई जगहों पर बारिश की पानी से बाढ़ जैसा नजर दिखने को मिल रहा है. शहर के कई मुहल्ला बारिश के पानी से पूर्ण रूप से घिर गया है. इससे लोगों का आना जाना तक बंद हो गया है.

नवरात्र शुरू होने के बावजूद सोमवार को शहर में सन्नाटा पसरा दिखा. सोमवार को सुबह में बारिश हुई लेकिन दोपहर में हल्की बूंदा-बूंदी होने से लोगों को घर से निकलने में परेशानी हुई है. इसके अलावा एक सप्ताह से सूर्य भगवान का दर्शन भी नहीं हो रहा है. कई इलाके में सड़कें व दुकानें खाली-खाली दिख रही है. मंदिर व पूजा पंडालों में भी गिने-चुने लोग ही नजर आये.
बारिश के कारण मुख्य बाजार के साथ अधिकतर गली-मोहल्लों में भारी जलजमाव के कारण विरानगी दिखी. बारिश व जलजमाव के कारण ज्यादातर लोगों ने अपने घरों में ही रहना पसंद कर रहें है. उधर, सरयू, दाहा, झलही नदी का जल स्तर धीरे-धीरे बढ़ने के कारण बांध से सटे मोहल्लों के लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है. बारिश व जलजमाव के कारण ज्यादा परेशानी उन्हीं इलाकों में दिखी जहां पानी निकासी की समस्या बनी हुई है. वहां नाला या तो जाम है या सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गयी है या फिर नाले पर अतिक्रमण किया गया है.
शहर के राजेंद्र पथ, महावीरपुरम, नयी बस्ती, महादेवा, शांति नगर, बबुनिया मोड़, पंच मंदिरा, पुरानी किला, मिल बाइपास रोड सहित अन्य कई मुख्य इलाकों में अब भी घुटने से ऊपर पानी है. इस कारण लोगों को आवगमन में भारी परेशानी हो रही है. राजेंद्र पथ व मिल बाइपास रोड की सड़क झील में तब्दील हो गयी है. यही हाल पुरानी किला का है.
धान में बैक्टीरिया का बढ़ जायेगा प्रकोप
पहले सुखाड़ फिर बारिश की मार झेल रहे धान के किसानों को अब फसलों में लगनेवाले बैक्टीरिया से भी जूझना होगा. क्योंकि जैसे ही बारिश रुकेगी धान में बैक्टीरिया का प्रकोप बढ़ जायेगा. इस बीमारी का नाम बैक्टीरियल ब्लाइटस है. इस मौसम में धान में खैरा रोग के फैलने की भी आशंका होती है. कृषि अधिकारियों का कहना है कि इससे उत्पादन में कमी आ सकती है.
बैक्टीरियल ब्लाइट्स बीमारी में धान के पत्ते में छेद हो जाता है. चूंकि किसी भी पौधे में भोजन उसके पत्ते में ही बनता है इसलिए इससे पौधे और दाने की वृद्धि एवं परिपक्वता प्रभावित हो जाती है. अगर इसके उपाय नहीं किये गये तो धान के उत्पादन पर बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए हर दो-तीन दिनों में इसकी निगरानी करायी जानी चाहिए. इसके नियंत्रण के लिए दवा का छिड़काव कराने से बीमारी नियंत्रित हो जाती है.
जलजमाव को ले लोगों ने किया विरोध-प्रदर्शन
हसनपुरा. प्रखंड के अरंडा पंचायत के वार्ड नौ महादलित बस्ती में जलजमाव की समस्या को ले लोगों सोमवार को विरोध-प्रदर्शन किया. लगातार हो रही बारिश को ले चारों तरफ जलमग्न हो गया है. उनके घरों में पानी घुसने से परेशानी बढ़ गयी है.
उस क्षेत्र के स्कूली बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है. सड़क पर दो से तीन फुट तक पानी आ गया है. ग्रामीणों का कहना है कि पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था नहीं रहने के कारण इस बस्ती में जलजमाव व महामारी जैसी स्थिति की आशंका बन गयी है.
पिछली बार आयी बाढ़ में निजात पाने के लिए पीड़ितों ने प्रखंड प्रशासन को आवेदन देकर जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की थी. लेकिन प्रखंड प्रशासन से कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया. विरोध-प्रदर्शन करने वालों में जितेंद्र बासफोर, रामदेव बासफोर, पंजाबी बासफोर, विंदा बासफोर, नारायण बासफोर, दुखन बासफोर, हिरालाल, मुन्ना सोनी, संजय माली व मनु कुमार शामिल रहे.
26 सितंबर को हुई है रिकॉर्ड बारिश
जिले में सबसे अधिक बारिश 26 सितंबर को हुई है. इस दिन यहां का औसत वर्षापात 103.29 मिली मीटर रिकॉर्ड की गयी है. जो दो हजार 65.80 मिली मीटर बारिश हुई है. जबकि 30 सितंबर को 51.50 मिली मीटर, 29 सितंबर को 42.58, 28 सितंबर को 43.97, 27 सितंबर को 65.41 और 25 सितंबर को 8.90 मिली मीटर रिकॉर्ड की गयी है.
बारिश के पानी से थाना जलमग्न, परेशानी
महाराजगंज. मूसलाधार पानी से अनुमंडलीय शहर का थाना बारिश से जलमग्न है. शहर के गंदे नाले का पानी का बहाव भी थाना परिसर में हो रहा है. थाना परिसर के जलजमाव निकासी नहीं होने से पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है.
पुलिस कर्मियों को तो अंदर -बाहर जाने में परेशानी तो हो हीं रही है. आम जनता को थाना पर आवश्यक कार्य के लिए जाने में भी परेशानी हो रही है. सबसे परेशानी महिलाओं को होती है जिन्हें अपने आवश्यक कार्य के लिए थाना जाना पड़ता है. पुलिस कॉलोनियों में भी गंदा पानी प्रवेश कर गया है.
इधर स्थानीय नगर पंचायत के इओ अरविंद कुमार ने जेसीबी मशीन मांगा कर सड़क के किनारे से नाला कटवा कर थाना परिसर से पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है. पानी का निकासी बराबर के लिए सुचारु रखने के लिए नगर पंचायत के सभी वार्ड सदस्यों ने रेलवे लाइन के पास का पुलिया साफ करने का निर्णय लिया. इओ ने बिना देर किये पुलिया की सफाई करना शुरू कर दिया.
जर्जर सड़क होने से पलट रहे हैं वाहन ठेला व रिक्शा
लगातार हो रही है बारिश से शहर के राजेंद्र पथ का सड़क जर्जर हो गयी है. सड़क तरवारा मोड़ से बड़हरिया मोड़ तक जर्जर हो जाने से प्रतिदिन वाहन, ठेला व रिक्शा पलट रहे है. इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
बबुनिया मोड़ के समीप ठेला पलट जाने से उसका सभी समान पानी में ही गिर गया. इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने सहयोग कर ठेला का उठाया. इसी तरह बड़हरिया मोड़ पर भी एक बाइक चालक अपने परिवार के सदस्यों के साथ पानी में गढ्ढ़ा होने के कारण गिर गया. इससे हल्की चोट भी आयी. राजेंद्र पथ पर टुनटुन बाबू के पेट्रोल पंप के पास भी एक टेंपो के पलट जाने से आधा दर्जन से अधिक यात्रियों को चोट आयी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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