किसानों ने वैज्ञानिकों से सीखी कृषि तकनीक

बड़हरिया : प्रखंड की कैलगढ़ दक्षिण पंचायत की मलिकटोला शैलेंद्र सिंह के दरवाजे पर एटीएम सतीश सिंह की देखरेख में किसान पाठशाला का चतुर्थ सत्र का आयोजन किया गया. इस मौके पर एटीएम श्री सिंह ने जीरो टीलेज से धान की गयी बुआई पर आधारित धान की फसल में कीट व रोग के बारे में […]

बड़हरिया : प्रखंड की कैलगढ़ दक्षिण पंचायत की मलिकटोला शैलेंद्र सिंह के दरवाजे पर एटीएम सतीश सिंह की देखरेख में किसान पाठशाला का चतुर्थ सत्र का आयोजन किया गया. इस मौके पर एटीएम श्री सिंह ने जीरो टीलेज से धान की गयी बुआई पर आधारित धान की फसल में कीट व रोग के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि खेती के साथ पशुपालन कर अपनी आर्थिक हालत सुदृढ़ कर सकते है. उन्होंने डेयरी किट के बारे में जानकारी देते कहा कि कृषि के साथ दुग्ध उत्पादन करने की पुरानी परंपरा रही है.

खेती के साथ साथ मशरूम की खेती के लिए किसानों का आह्वान करते हुए श्री सिंह ने कहा कि इसके लिए किसानों को मानसिकता बनानी होगी. क्योंकि कृषि पर आत्मनिर्भरता से किसानों का चतुर्दिक विकास असंभव है. पशुपालन, मुर्गीपालन, बीज उत्पादन, जैविक खेती, सब्जी व मशरूम आदि की खेती कर किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि हमें बचत के लिए लागत खर्च कम करना होगा. किसान पाठशाला में कृषि सबंधित योजना जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, डीजल अनुदान के बारे में जानकारी दी गयी. इस मौके पर एटीएम सतीश सिंह, कृषि समन्वयक रविप्रकाश पाठक, सुरेश चौहान, नन्दलाल प्रसाद, शैलेंद्र सिंह, कृष्णा सिंह, जयराम सिंह, जगदेव राम, देवनाथ मांझी, आसदेव सिंह, लालबाबू सिंह, दीनानाथ सिंह, मैनेजर सिंह व योगेंद्र सिंह सहित 26 किसान उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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