तरवारा : जीबी नगर थाना क्षेत्र के तरवारा बाजार स्थित गंडक नहर पुल के पास एसएच 73 पर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को सामने से ठोकर मार दी. इस घटना में बाइक सवार अधिवक्ता की मौत हो गयी. युवक की मौत के बाद अफरा-तफरी मच गया.
मृतक की पहचान महाराजगंज थाना क्षेत्र के कसदेवरा बंगरा गांव निवासी महेश राम के पुत्र नितिन मुकेश रंजन के रूप में हुई. मुकेश रोज की तरह बाइक से सीवान न्यायालय में आ रहा था. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इधर ट्रक चालक व खलासी मौके से फरार हो गये.
पुलिस ने ट्रक व क्षतिग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया. सड़क दुर्घटना में अधिवक्ता की मौत की सूचना के बाद अधिवक्ताओं व परिजनों में शोक की लहर दौड़ गयी. थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने बताया की मृतक के परिजनों के द्वारा लिखित शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.दुर्घटना ग्रस्त दोनों वाहन को जब्त कर लिया गया है.
अधिवक्ता की मौत के बाद कसदेवरा में मचा कोहराम
महाराजगंज. जीबीनगर के तरवारा बाजार स्थित गंडक नहर पुल के पास तेज रफ्तार की ट्रक की चपेट में आने से महाराजगंज थाना क्षेत्र के कसदेवरा गांव निवसी महेश राम के पुत्र नितिन मुकेश रंजन की मौत की सूचना जैसे ही कसदेवरा पहुंची गांव में मातम पसर गया. उनकी पत्नी व अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है. पत्नी नीतू तो उस घड़ी को कोस रही थी जब नितिन न्यायालय जाने के लिए घर से निकले थे. वह बार-बार पति को याद कर रोये जा रही थी.
साथ ही उनकी मां की चीत्कार देख आस-पड़ोस के लोग भी अपनी आंसू रोक नहीं पा रहे थे. मृतक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था. दूसरा भाई जयप्रकाश विकास मित्र है जबकि छोटा भाई राजीव रंजन रेलवे में कार्यरत है. इधर सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही सहलौर पंचायत के मुखिया संजय कुमार सिंह ने मौके पर पहुंच कर उंचीत मुआवजा दिलाने की मांग की.
अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहेंगे : सीवान. अधिवक्ता नितिन मुकेश रंजन के सड़क दुर्घटना में मौत हो जाने के कारण शुक्रवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से अलग रहेंगे. युवा अधिवक्ता के निधन पर जिला अधिवक्ता संघ भवन में 12 बजे शोकसभा का आयोजन किया जायेगा.
इसकी अध्यक्षता पांडे रामेश्वरी प्रसाद करेंगे. संघ के महासचिव प्रेम कुमार सिंह ने बताया कि युवा अधिवक्ता का रजिस्ट्रेशन जिला अधिवक्ता संघ में नहीं था. बावजूद संघ के सदस्य न्यायिक कार्य से अपने को अलग रखेंगे. इससे कोर्ट कार्य बाधित रहेगा.
