महाराजगंज : एक तरफ जहां सरकार खुले में शौच से मुक्त के लिए घर-घर शौचालय निर्माण की बात कह रही है. वहीं दूसरी ओर महाराजगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के शौचालय बंद होने से मरीज खुले में जाने को मजबूर है. कभी- कभी मरीजों को बोर्ड मिडिल स्कूल के समीप सार्वजनिक शौचालय में शौच जाना पड़ रहा है.
अस्पताल परिसर में महिला -पुरुष के लिए अलग- अलग व्यवस्था है. पुरुष शौचालय में ताला लटका रहता है. महिला शौचालय का दरवाजा खुला रहता है, जो यूरिनल रूम बनकर रह गया है. इस परेशानी पर स्थानीय प्रशासन सहित किसी का ध्यान नहीं जा रहा है, जिसके कारण कारण शौचालय का उपयोग बंद है.
क्या कहते हैं लोग
अस्पताल की व्यवस्था मरीजों की सुविधा के अनुकूल नहीं है. साफ सफाई के नाम पर सरकारी राशि का बंदरबांट की जाती है.
नागमणि सिंह, पूर्व नगर अध्यक्ष
अस्पताल में सबसे ज्यादा परेशानी महिला को है. अस्पताल प्रशासन को साफ-सफाई की व्यवस्था के साथ अन्य पर ध्यान देना चाहिए.
शारदा देवी, पूर्व नप अध्यक्ष
अस्पताल में मानक के अनुसार साफ-सफाई नहीं है. खुद मैने अस्पताल का निरीक्षण किया है. सफाई में एंटी बैक्टीरियल दवा का पोछा नहीं लग रहा है. शौचालय से लेकर अस्पताल के इर्द-गिर्द साफ-सफाई की कमी है. इसकी जल्द ही शिकायत सिविल सर्जन से की जायेगी.
राजकुमारी देवी, नप अध्यक्ष
क्या कहते हैं जिम्मेदार
शौचालय चालू है. बाजार के आम लोग आकर शौचालय गंदा कर देते हैं. जिसके कारण कुछ परेशानी होती है. पुरुष शौचालय वार्ड में गार्ड लोगों ने ताला बंद कर रखा है. जरूरत पड़ने पर खोल दिया जाता है. साफ- सफाई का ध्यान रखा जाता है.
महताब आलम, स्वास्थ्य प्रबंधक, पीएचसी, महाराजगंज
