भगवानपुर : मां लालमती कुंवर अपने एक लौटे जिगर के टुकड़े के खोने के गम में पागल हो गयी. वह घटना स्थल पर पहुंच दहाड़े मारकर रोने लगी. इधर पुलिसकर्मियों आते-जाते देख पुलिस को खिलाफ आग लगने की बात कह रोये जा रही थी. वहीं अंजली अपने छोटे भाई के खोने के गम में फूट-फूट कर रो रही थी. वह बस यही कह हमारा बबुआ के मरलखह कह कर बेहोश हो जा रही थी.
वहीं आदित्य के दादा डोमा साह पुलिस पर आरोप लगा रहे है कि गरीब के बच्चे को पुलिस खोजने में लापरवाही बरती है. इसका परिणाम हुआ है कि आदित्य को अपहरणकर्ताओं ने हत्या कर शव को फेंक दिया. आदित्य कुमार के पिता की मृत्यु कैंसर के कारण बीते तीन साल पहले हो गयी थी. वे पूर्व बीडीसी सदस्य रह चुके थे.
घटनास्थल के बगल गांव में है आदित्य की बूआ का घर
आदित्य का शव मिलने के बाद तरह-तरह की अटकलें लगनी शुरू हो गयी है. उसका शव नदी के किनारे से होकर गुजर रही ईंटकरण सड़क पर मिला. लोगों की माने तो मृत आदित्य के बुआ का घर बगल गांव में ही है. जिसकी शादी इंद्रजीत प्रसाद से हुई थी. नदी किनारे सुनसान स्थान का चयन अपराधियों ने किया था. इसमें किसी जानकार जो क्षेत्र के बारे में जानता था, उसके शामिल होने की बात बतायी जा रही है.
दुर्गंध आने पर अपराधी फेंक गये थे शव को
नदी किनारे ईंटकरण पर बोरे में रखे शव को देखने से ऐसा नहीं लग रहा था कि उसे मिट्टी में गाड़ा गया था. बल्कि दुर्गंध आने पर अपराधियों ने उसे लाकर नदी किनारे सुनसान जगह पर फेंक दिया होगा.
डॉग स्क्वायड आने का बाद परिजन माने, उठा शव
भगवानपुर थानाध्यक्ष ने घटनास्थल पर पहुंचने के बाद कुत्ते को बुलाने की बात कही. लोग खोजी कुत्ता के आने का इंतजार करते रहे. कुत्ता आने के बाद ही कुछ पता चल जायेगा ऐसा पुलिस सहित लोगों का मानना है. इधर मौके पर डीएसपी महाराजगंज हरीश शर्मा दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे.
